2019 में पीएम मोदी को रोकने के लिए गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री वाघेला ने बनाया खास प्लान
अहमदाबाद। जैसे-जैसे 2019 के लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं सियासी घमासान तेज होने लगा है। खास तौर से केंद्र में सत्ता संभाल रही बीजेपी को घेरने के लिए प्रमुख सियासी दल अपनी रणनीति बनाने में जुट चुके हैं। इसी कड़ी में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला भी सामने आए हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में "एंटी-बीजेपी" मोर्चा बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों के बीच एक समन्वयक की भूमिका निभाने की इच्छा जताई है।

शंकर सिंह वाघेला का बड़ा ऐलान
शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि कोआर्डिनेशन के लिए अभी तक किसी भी क्षेत्रीय दल ने उनसे संपर्क नहीं किया है, हालांकि उनके समर्थकों ने उनसे चुनाव से पहले "एंटी-बीजेपी" मोर्चा बनाने के लिए ऐसे दलों को एकजुट करने की अपील की है। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि मेरे समर्थकों को लगता है कि मुझे सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने के लिए एक समन्वयक की भूमिका निभानी चाहिए। मुझे भी ऐसा लगता है कि पार्टियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।

खुद चुनाव लड़ने को लेकर की ये टिप्पणी
खुद चुनाव लड़ने के सवाल पर शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, समय आने पर ही इसको लेकर कोई फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरा संदेश साफ है कि लोकसभा का चुनाव प्रदेश स्तर पर वहां स्थानीय हालात के मुताबिक ही लड़ा जाए जिससे आपसी खींचतान में एक भी वोटर का वोट खराब नहीं जाए, जिससे की इसका लाभ बीजेपी नहीं उठा सके।

एंटी बीजेपी मोर्चा के कोऑर्डिनेटर बनने की जताई इच्छा
78 वर्षीय वाघेला ने गांधीनगर में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने आगे कहा कि मैं तीसरे मोर्चे के पक्ष में नहीं हूं। मेरा विचार दूसरा मोर्चा बनाने का है। मैं विभिन्न पार्टियों के गठबंधन के बारे में बात कर रहा हूं, जो वैचारिक रूप से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबले में आएं।













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