पाकिस्तान ने दो भारतीयों को जासूसी के आरोप में किया गिरफ्तार, अब आतंकी साबित करने की कोशिश कर रही ISI
नई दिल्ली। पाकिस्तान ने दो भारतीयों को गिरफ्तार कर लिया है और इन दोनों को जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। भारत की तरफ से इस्लामाबाद से कुछ माह पहले जानकारी मांगी गई थी लेकिन अभी तक कोई भी जवाब नहीं दिया गया है। सोमवार को एक भारतीय अधिकारी की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। पाकिस्तानी मीडिया में इस बात की खबर छपी थी कि दो भारतीयों को पकड़ा गया है। अब अधिकारियों को डर है कि पाकिस्तान इन दोनों भारतीयों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आतंकी साबित करने की कोशिश कर सकता है।

विशाखापट्टनम के रहने वाले प्रशांत पाक के कब्जे में
भारत पहले ही पाक की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को रिहा कराने की जी-तोड़ कोशिशें कर रहा है। अब इस नए घटनाक्रम ने चिंताओं को दोगुना कर दिया है। जिन दो भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से एक आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के रहने वाले प्रशांत वी हैं और एक का नाम डुरमी लाल है। बताया जा रहा है कि प्रशांत पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पाकिस्तान पुलिस ने इन्हें बहावलपुर जिले के छोलीस्तान रेगिस्तान से पकड़ा है। एक वीडियो भी ट्विटर पर आया है जो इन भारतीयों से ही जुड़ा हुआ है।इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स की ओर से बताया गया है कि 23 मई को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग की तरफ से पाकिस्तान के विदेश विभाग को बताया था कि विशाखापट्टनम के रहने वाले प्रशांत वाइनडम शायद पाक की सीमा में दाखिल हो गए हैं और उन्हें पाक रेंजर्स ने पकड़ लिया है। हाई कमीशन की तरफ से काउंसलर एक्सेस की मांग भी की गई मगर पाक अथॉरिटीज ने इसे अनसुना कर दिया।
भारत का नाम बदनाम करने की साजिश
तीन और लोगों के नाम सामने आए हैं और उनके नाम हैं रामदास, बारी लाल और जस्सी सिंह। लाल के केस में भारत दिसंबर 2018 से प्रयास कर रहा है। एक बार फिर उच्चायोग की चिट्ठी नजरअंदाज कर दिया गया। एक और भारतीय जिसका नाम गोबिंद पटनायक दुग्गी वालासा बताया जा रहा है, उन्हें 17 नवंबर को भारतीय एजेंसियों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से रिहा करवाया है। सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि पाक एजेंसियां उनका अपहरण कर सकती हैं। सूत्रों की मानें तो पाक चीन की मदद से यूएनएससी की 1267 कमेटी के सामने गोविंद को अंतरराष्ट्रीय आतंकी साबित करना चाहता था। पाकिस्तान की ओर से इससे पहले दो भारतीय नागरिकों कुक अजय मिस्त्री और भारतीय इंजीनियर वेणुमाधव डोंगारा को आतंकवादी साबित कर ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिशें की जा चुकी हैं।












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