Video: चीन के साथ टकराव के बीच भारतीय सेना में शामिल लद्दाख से 131 जवान
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच जारी तनाव के दौरान ही सेना को लद्दाख से 131 रणबांकुरें मिले हैं। शनिवार को लेह में लद्दाख स्काउट्स रेजीमेंटल सेंटर में हुई परेड में 131 जवानों को सेना का हिस्सा बनाया गया है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से पासिंग आउट परेड में जवानों के परिवार वाले शामिल नहीं हुए। परेड समारोह के सभी जवानों ने राष्ट्र की सेवा करने की शपथ ली। इस मौके पर ब्रिगेडियर अरुण सीजी ने सभी युवा जवानों को बधाई दी और भारतीय सेना के गर्वित सैनिकों के रूप में राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने का आग्रह किया।

सेना का अहम हिस्सा लद्दाख स्काउट्स
लद्दाख स्काउट, इंडियन आर्मी का एक अहम हिस्सा है। इसमें लद्दाख के निवासियों को ही वरीयता दी जाती है। लद्दाख स्काउट्स को चीन के लिए सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है। कारगिल की जंग का हिस्सा रहे कर्नल (रिटायर्ड) सोनम वांगचुक ने गलवान घाटी हिंसा के बाद कहा था 'हमें लद्दाख स्काउट्स की ज्यादा से ज्यादा बटालियन तैयार करनी होगी क्योंकि उसके जवान इसी इलाके से होते हैं। उन्हें इस जगह और यहां के वातावरण की पूरी जानकारी होती है और वह यहां के मुश्किल रास्तों के बारे में भी जानते हैं जो कि सबसे ज्यादा अहम है।' कर्नल वांगचुक की मानें तो लद्दाखी स्काउट्स के जवान चीन के लिए मुसीबत साबित हो सकते हैं। कर्नल वांगचुक की मानें तो पूर्वी लद्दाख में चीन की चाल को समझने से लेकर माकूल जवाब में लद्दाख स्काउट्स सबसे बेहतर विकल्प है।












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