ममता बनर्जी के बाद अब अखिलेश यादव ने दिया कांग्रेस को बड़ा झटका! टेंशन में राहुल गांधी
130th constitutional amendment: कांग्रेस को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को लेकर बड़ा झटका लगा है। यह समिति मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और प्रधानमंत्रियों को 30 दिन की गिरफ्तारी की स्थिति में उनके पदों से हटाने वाले विधेयकों और संविधान संशोधनों पर विचार कर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसमें शामिल होने से साफ इंकार कर दिया है।
TMC का बहिष्कार पहले से तय माना जा रहा था, लेकिन सपा के फैसले ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। अब कांग्रेस पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि पार्टी जेपीसी में शामिल होने के पक्ष में थी, लेकिन सपा के रुख ने उसके भीतर संशय को बढ़ा दिया है।

यह विधेयक ही गलत है- अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टीएमसी के समर्थन में इस विधेयक का कड़ा विरोध किया। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'यह विधेयक ही गलत है। अगर कोई किसी के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर सकता है, तो इस विधेयक का क्या मतलब है?' उन्होंने यह भी बताया कि, इसी वजह से सपा के नेता जैसे आजम खान, रमाकांत यादव और इरफान सोलंकी जेल में हैं। उन्होंने यह विधेयक भारत के संघीय ढांचे के खिलाफ बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और केंद्र केवल सीबीआई या ईडी जैसी एजेंसियों द्वारा दर्ज मामलों में ही हस्तक्षेप कर सकता है।
टीएमसी ने जताया विरोध
JPC में टीएमसी के बहिष्कार की जानकारी पहले ही थी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी सदस्य को इसमें नामित नहीं करेगी। टीएमसी ने कहा कि 130वें संविधान संशोधन विधेयक के समय से ही उनका विरोध रहा है और जेपीसी महज दिखावा है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ करार दिया है।
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JPC में शामिल होना चाहती थी कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने प्रारंभ में यह तय किया था कि वह संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में शामिल होगी और इस मुद्दे पर अपने पक्ष में कदम उठाएगी। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए इसमें सक्रिय योगदान देने की योजना बनाई थी। लेकिन अब INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों, खासकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के रुख ने कांग्रेस नेतृत्व, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। विपक्षी खेमे में इन दलों के विरोध ने कांग्रेस के लिए जटिल स्थिति पैदा कर दी है, जिससे पार्टी को JPC में शामिल होने या न होने के अपने निर्णय पर दोबारा विचार करना पड़ रहा है।
विपक्षी एकता पर असर
सपा के इस कदम से विपक्षी खेमे में गहमा-गहमी बढ़ गई है। कांग्रेस अब तक जेपीसी में शामिल होने के पक्ष में थी, लेकिन सपा और टीएमसी के विरोध के कारण पार्टी के भीतर संशय गहराने लगा है। विपक्षी एकता और रणनीति पर इसका असर पड़ा है और कांग्रेस को अब अपने निर्णय पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
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