12 साल का इंतजार हुआ खत्म, भारत और श्रीलंका के बीच शुरू हुई फेरी सर्विस

भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाली लंबे समय से प्रतीक्षित यात्री नौका सेवा (फेरी सर्विस) मंगलवार से शुरू हो गई। इसको लेकर काफी वक्त पहले दोनों देशों में एक समझौता हुआ था। स्थानीय लोग 12 साल से इसका इंतजार कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय उच्चायोग, जहाजरानी और विमानन मंत्रालय के समर्थन से ये फेरी सर्विस शुरू हुई है, जो दक्षिण भारत और श्रीलंका के उत्तरी भाग को जोड़ेगी। नौका मार्ग भारत के नागापट्टिनम से जाफना में कांकेसंथुराई (केकेएस) बंदरगाह तक फैला होगा।

Sri Lanka

इस मार्ग पर चलने के लिए चुना गया जहाज हाई-स्पीड क्राफ्ट (एचएससी) चेरियापानी है, जिसका उद्घाटन 6 अक्टूबर, 2023 को केकेएस बंदरगाह पर हुआ। ये नई यात्री सेवा भारत में लोगों के लिए एक किफायती यात्रा विकल्प प्रस्तुत करती है। इसके साथ ही दोनों देशों के संबंध भी इससे मजबूत होंगे।

फिलहाल इस रूट से श्रीलंका जाने में सिर्फ 3-5 घंटे का वक्त लगेगा। इसके अलावा यात्री अपने साथ 50 किलोग्राम तक सामान ले जा सकते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक नागपट्टिनम से प्रस्थान प्रतिदिन सुबह 10 बजे होगा, ये कांकेसंथुराई में दोपहर 3 बजे पहुंच जाएगी। इस फेरी सर्विस को 14 लोगों का दल संचालित करेगा, जिसमें 150 यात्री सवार हो सकते हैं। ये एक दिशा में कुल 111 किमी का सफर तय करेगी।

1964 में बंद हो गई थी सर्विस
आपको बता दें कि 1900 के दशक में भारत और श्रीलंका के बीच बोट और ट्रेन की मिक्स सर्विस शुरू हुई थी। उस वक्त इसे इंडो-सीलोन एक्सप्रेस नाम से जाना जाता था। इसके तहत ट्रेन चेन्नई से धनुषकोडी तक जाती थी, जबकि वहां से नाव के जरिए यात्रियों को श्रीलंका के तलाईमन्नार तक ले जाया जाता था। 1964 में तमिलनाडु और श्रीलंका में एक विशाल तूफान आया था। जिससे धनुषकोडी पूरी तरह से तबाह हो गया। उसके बाद से ट्रेन और नाव सर्विस बंद हो गई।

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