गर्मी से राहत पाने के लिए शिमला जा रहे हैं तो वहां खुद करना पड़ेगा पानी का इंतजाम!
शिमला। अगर आप इन गर्मियों में मैदान इलाकों से पहाड़ों की रानी शिमला में कुछ सुकून के पल बिताने के लिये आने की सोच रहे हैं तो आपको आने से पहले शिमला में पीने के पानी का इंतजाम खुद ही करना होगा। शिमला इन दिनों भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। हालात इस कदर खराब हो गये हैं कि पिछले कई दिनों से लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुये शिमला में जल संकट पर हिमाचल हाईकोर्ट ने नोटिस लिया है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने नगर निगम के कमीशनर व नगर अभियंता को मंगलवार को कोर्ट के समक्ष तलब किया है।

दरअसल, शिमला के वकीलों ने हाईकोर्ट से नगर निगम के सक्षम अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी करने की गुहार लगाई गई है ताकि शिमला शहर में रह रहे बाशिंदों को पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया करवाया जा सके। प्रदेश हाईकोर्ट के ध्यान में यह तथ्य लाया गया कि शिमला के बाशिंदों को पिछले 8 दिनों से पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा इस मामले पर पहले ही संज्ञान ले लिया गया है और इस बाबत कदम उठाए जा रहे हैं।

अदालत ने एडवोकेट जनरल की बात से सहमति जताते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान हमेशा के लिए करने के लिए चैकडैम व बड़े जलाशय का निर्माण किया जा सकता है ताकि बड़ी मात्रा में जल इकट्ठा किया जा सके और उस पानी का इस्तेमाल पानी की कमी के दौरान गर्मियों के महीनों में किया जा सके। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे के अलावा यह भी जानना जरूरी है कि क्या शिमला शहर में होने वाले नए निर्माण को स्वीकृति प्रदान की जा सकती है जब शिमला नगर निगम की परिधि में उसका अपना कोई स्थायी पानी का साधन नहीं है। क्या दूरदराज से नदी के माध्यम से पंप द्वारा पानी उठाया जा सकता है।
अदालत ने कहा कि इस विषय पर भी विचार करना आवश्यक है कि क्या शिमला में बढ़ती जनसंख्या को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध करवाने के लिए पानी का संग्रह करने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं या नहीं। मामले पर सुनवाई आज होगी।












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