दोस्त के कहने पर हिमाचल में 'रोहतांग सुरंग' बनाने की अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी पहल
शिमला। तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजे गए अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे। अटल जी हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर मानते थे। प्रदेश के जिला कुल्लू के मनाली के पास प्रीणी में उनका घर है। वाजपेयी सत्ता में रहे या फिर सत्ता से बाहर अक्सर प्रीणी में आकर आराम फरमाते थे।

गुजरात में हुई थी मुलाकात
1942 को आरएसएस के एक प्रशिक्षण शिविर के दौरान टशी दावा की पहली मुलाकात गुजरात के बड़ोदरा में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ हुई थी। इस दौरान टशी दावा और वाजपेयी के बीच एक घनिष्ठ दोस्ती कायम हुई, लेकिन एक लंबे अर्से तक इन दोनों की मुलाकात जीवन की आपाधापी एवं व्यस्तता के कारण नहीं हो पाई। लेकिन इस दौरान टशी दावा के मन में न केवल लाहौल वासियों की समस्या हर वक्त उन्हें परेशान करती रहती थी बल्कि इस क्षेत्र को बर्फ की कैद से छुटकारा दिलाने के लिए वह हमेशा चिंतित रहते थे। इसी बीच उनके मन में लाहौल व मनाली के बीच एक सुरंग निर्मित करने का विचार आया ताकि यह क्षेत्र देश व दुनिया के साथ लगातार जुड़ा रह सके। इसी विचार को लेकर टशी दावा लगभग 56 वर्ष के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने दिल्ली पहुंचे।

दोस्त के कहने पर शुरू की थी रोहतांग सुरंग की पहल
अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998 में अपने दोस्त टशी दावा उर्फ अर्जुन गोपाल के कहने पर रोहतांग सुरंग की पहल की थी। बता दें कि टशी दावा और वाजपेयी की दोस्ती देश की स्वतंत्रता से पहले की है। टशी दावा देश के सबसे पुराने गैर-राजनीतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आर.एस.एस.) के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे।

3 जून 2000 को की थी घोषणा
विश्व से कटी रहने वाली दुर्गम लाहौल घाटी के लिए रोहतांग सुरंग के निर्माण का विचार 1998 में वाजपेयी जी के मन में आया था। उन्होंने इस परियोजना के निर्माण की घोषणा तीन जून 2000 को की थी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने वाली है और यह राज्य के लिए वाजपेयी जी का सबसे बड़ा उपहार होगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार ने ही वर्ष 2003 में हिमाचल प्रदेश के लिये औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की थी।

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा सुरंग का नाम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि रोहतांग सुरंग का नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से होगा। इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति के लोगों की परेशानियों को कम करने और पर्यटन को बढ़ावे के लिए रोहतांग सुरंग बनाना शुरू किया था। यह दुखद है कि अब जब यह सुरंग बनकर तैयार हो गई है तो उनका देहांत हो गया है। वह इसे नहीं देख पा रहे हैं, मगर इससे उनका हमेशा के लिए नाम जुडे़गा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।












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