शिमला: PM मोदी ने वर्चुअली किया 82वें पीठासीन सम्मेलन का उद्घाटन, सीएम योगी भी ऑनलाइन जुड़े
शिमला, 17 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (बुधवार) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला में 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (पीठासी) का उद्घाटन किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सीएम योगी आदित्यनाथ और कई राज्यों के मंत्री भी ऑनलाइन जुड़े। दो दिवसीय इस सम्मेलन की शुरुआत पीएम मोदी ने की लेकिन इसका समापन हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर करेंगे। पीठासी अधिकारियों का पहला सम्मेलन साल 1921 में शिमला में आयोजित किया गया था।

जयराम ठाकुर ने कही ये बात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा,
82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के ऐतिहासिक अवसर पर मुझे ये कहते हुए गर्व हो रहा है कि संसद, विधानसभा और विधान परिषद हमारे देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था के केंद्र बिन्दु हैं। हमारे प्रदेश की विधानसभा को भी गौरवशाली इतिहास रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्मेलन को संबोधित किया।
इस परंपरा को 100 साल: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा,
ये सम्मेलन हर साल कुछ नए विमर्शों और नए संकल्पों के साथ होती है। हर साल इस मंथन से कुछ न कुछ अमृत निकलता है... आज इस परंपरा को 100 साल हो रहे हैं ये भारत के लोकतांत्रिक विस्तार का प्रतिक है। भारत के लिए लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं है। लोकतंत्र भारत की प्रकृति और इसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति है। हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं। ये संकल्प 'सबके प्रयास' से ही पूरे होंगे और लोकतन्त्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम 'सबका प्रयास' की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है।
यह भी पढ़ें: अमेरिका से नहीं डरी मोदी सरकार, भारत पर प्रतिबंध लगाएंगे राष्ट्रपति बाइडेन तो क्या होगा असर?
'वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म'
पीएम मोदी ने आगे कहा,
हमारा देश विविधताओं से भरा है। अपनी हजारों वर्ष की विकास यात्रा में हम इस बात को अंगीकृत कर चुके हैं कि विविधता के बीच भी, एकता की भव्य और दिव्य अखंड धारा बहती है। एकता की यही अखंड धारा, हमारी विविधता को संजोती है, उसका संरक्षण करती है। मेरा एक विचार 'वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म' का है। एक ऐसा पोर्टल जो न केवल हमारी संसदीय व्यवस्था को जरूरी तकनीकी बढ़ावा दे, बल्कि देश की सभी लोकतान्त्रिक इकाइयों को जोड़ने का भी काम करे।












Click it and Unblock the Notifications