जानिए क्यों धूमल के नाम की घोषणा होते ही BJP के लिए अहम हो गई नाहन सीट

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

शिमला। भाजपा के भावी मुख्यमंत्री के तौर पर प्रेम कुमार धूमल के नाम की घोषणा होते ही सिरमौर जिला की नाहन सीट काफी अहम हो गई है। यहां से भाजपा प्रत्याशी राजीव बिंदल पिछली बार धूमल सरकार में मंत्री थे। लिहाजा अब बिंदल एक बार फिर अपने मंत्री बनने के दावे के साथ जनता के बीच आ गये हैं। प्रदेश के चुनावी अखाड़े में नाहन विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी रोचक है।

prem kumar dhumal

विधानसभा के 56वें नंबर की इस सीट से मौजूदा विधायक राजीव बिंदल के मुकाबले कांग्रेस प्रत्याशी अजय सोलंकी हैं। राजीव बिंदल 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर और तीन बार के विधायक कुश परमार को हराकर इस क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। राजीव बिंदल ने जातिगत राजनीति के मिथक को तोड़ते हुए चुनाव जीता था। चुनाव में डाले गए कुल 53389 मतों में से उन्हें 25459 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के कुश परमार महज 12635 मत ही हासिल कर पाए थे। राजीव बिंदल विधानसभा डिलिमिटेशन के बाद सोलन से नाहन आये। व यहां आकर उन्होंने चुनाव जीता। भाजपा के तेज तर्रार नेताओं में शुमार राजीव बिंदल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता भी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2 नवंबर को नाहन विधानसभा क्षेत्र के धौलाकुआं में रैली है। माना जा रहा है कि भाजपा को और राजीव बिंदल को इससे फायदा मिलेगा। राजीव बिंदल का कहना है कि पीएम मोदी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग जुटेंगे जिससे उनकी जीत की राह पक्की हो जाएगी। कांग्रेस ने यहां से अजय सोलंकी को टिकट दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी अजय सोलंकी गांव-गांव घूमकर नुक्कड़ सभाएं और डोर-टू-डोर कैंपेन कर लोगों को राजीव बिंदल की कमजोरियां गिना रहे हैं. वहीं वो राज्य की वीरभद्र सरकार की उपलब्धिों और सिरमौर जिले में कराए गए विकास कार्यों का भी बखान कर रहे हैं। इस बार के चुनाव में कई पार्टियां ताल ठोंक रही हैं लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है।

prem kumar dhumal

सिरमौर जिले में स्थित नाहन निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित सीट है। साल 2012 के चुनाव में इस क्षेत्र में कुल 67,890 मतदाता थे। 2012 में निर्वाचन आयोग को सौंपे हलफनामे में भाजपा उम्मीदवार राजीव बिंदल ने अपनी कुल संपत्ति 4 करोड़ 29 लाख से अधिक बताई थी। वहीं कांग्रेस के कुश परमार ने 15 लाख 40 हजार रुपए अपनी संपत्ति दिखाई थी।

2012 के चुनावों में नाहन से राजीव बिंदल, हिलोपा से शयामा शर्मा, कांग्रेस से कुश परमार,लोक जनशक्ति पार्टी से सदानंद चौहान,सपा से विजय शर्मा और बसपा के कुत्तुबद्दीन खान चुनाव मैदान में थे। व भाजपा प्रत्याशी राजीव बिंदल ने चुनाव जीता। दरअसल इस चुनाव में राजीव बिंदल ने जातिगत राजनिति के मिथक को तोड़ा। नाहन क्षेत्र में राजपूत मतदाताओं की संख्या अधिक है। लेकिन पिछले कुछ चुनावों में देखा गया कि वो किसी एक दल को अपना समर्थन नहीं देते। यहां मुस्लिम मतदाता और कोली बिरादरी एकजुट होकर चुनावी समीकरणों को बदलती आई है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Nahan seat becomes important for BJP in himachal pradesh election 2017
Please Wait while comments are loading...