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मंडी के धरमपुर में बादल फटने से तबाही, झील में बदला बस स्टैंड, कंगना रनौत को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?

Mandi Dharampur Cloudburst: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बीती रात आसमान से बरसी आफत ने लोगों को हिला कर रख दिया। धरमपुर में अचानक बादल फटने से बस स्टैंड पूरा पानी में डूब गया। देखते ही देखते खड़ी बसें व कई वाहन तेज बहाव में बह गए। रात के अंधेरे में लोग चीखते-चिल्लाते छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।

हालात इतने भयावह थे कि कुछ ही घंटों में धरमपुर का नजारा बर्बादी के मंजर में बदल गया। कुछ ही मिनटों की बारिश ने धरमपुर बस स्टैंड को झील में बदल दिया। मंडी संसदीय क्षेत्र में आपदा के बीच सांसद कंगना रनौत की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस और मंडी सांसद कंगना अब तक वह सिर्फ एक बार ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंची हैं।

Himachal Pradesh Mandi

बीते कुछ वक्त से हिमाचल में मची तबाही के बीच वो अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से सीधे हालात की जानकारी नहीं ले पाई हैं। आपदा की गंभीर स्थिति में सांसद की कम मौजूदगी से पीड़ितों में नाराज़गी बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार के मंत्री लगातार दौरे कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी में जुटे हैं। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
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पानी घटा तो दिखा तबाही का नजारा

सोमवार सुबह जब पानी कम हुआ तो चारों तरफ बर्बादी ही बर्बादी नजर आई। बसें मलबे में पलटी पड़ी थीं, दुकानों के शटर टूट गए थे और सड़कें कीचड़ में तब्दील हो चुकी थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा भयानक मंजर पहले कभी नहीं देखा। लोगों ने छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाई और रात भर भगवान से प्रार्थना करते रहे कि हालात जल्द सामान्य हों।

सोशल मीडिया पर दर्द बयां

धरमपुर और आसपास के इलाकों के लोगों ने इस हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। इनमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे पानी ने बस अड्डे और दुकानों को अपने चपेट में ले लिया। कई लोग प्रशासन से त्वरित मदद की गुहार लगा रहे हैं।

राज्य में बिगड़े हालात

धरमपुर ही नहीं, बल्कि शिमला, कुल्लू, पालमपुर और कांगड़ा जैसे जिलों में भी भारी बारिश ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन की वजह से जगह-जगह सड़कें बंद हो गई हैं। 493 सड़कें फिलहाल यातायात के लिए बंद हैं, जिनमें तीन बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और 163 जलापूर्ति योजनाएं ठप पड़ी हैं।

बारिश के आंकड़े बताते हैं भयावह स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जोगिंदरनगर में 56 मिमी, पालमपुर में 48 मिमी और कांगड़ा में 34.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मंडी और आसपास के कई स्थानों पर गरज के साथ तेज बौछारें पड़ीं। लगातार बारिश की वजह से सोन खड्ड, व्यास नदी और स्थानीय नाले उफान पर हैं।

अब तक 400 से ज्यादा मौतें

मॉनसून की शुरुआत 20 जून से अब तक बारिश और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में 409 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 41 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें से 180 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। आपदा से अब तक हिमाचल प्रदेश को लगभग 4,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

मंडी में आज कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को मंडी और आसपास के इलाकों में आसमान अधिकतर बादलों से घिरा रहेगा। दोपहर और शाम को कुछ स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री रहने की संभावना है।

धरमपुर और मंडी जिले के लोग अब प्रशासन से त्वरित मदद और राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सांसद कंगना रनौत की सक्रियता से लोगों को भरोसा है कि उनके क्षेत्र को केंद्र और राज्य दोनों स्तर से राहत मिलेगी। फिलहाल राहत व बचाव दल मलबा हटाने और सड़कों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
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