खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की तलाश में हिमाचल पुलिस, जयराम सरकार ने केंद्र से मांगी मदद

शिमला, 10 मई। हिमाचल विधानसभा के तपोवन परिसर में खालिस्तानी झंडा फहराये जाने की चल रही जांच के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार से मदद मांगी है। इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित खालिस्तान समूह 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) ने ली है जिससे मामला गंभीर हो गया है। प्रदेश की सीमाओं पर पहले ही चौकसी बढ़ा दी गई है। लेकिन अब राज्य सरकार चाह रही है कि विदेश में बैठे इस संगठन के कर्ताधर्ताओं पर भी शिकंजा कसा जा सके। इसके लिये इंटरपोल को भी पत्र लिखा गया है।

Himachal police seeking Khalistani Gurpatwant Singh Pannu

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    हालांकि राज्य पुलिस ने सिख फॉर जस्टिस' संगठन के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इससे पहले गुरपतवंत सिंह पन्नू के नाम से एक चिट्ठी भी हिमाचल प्रदेश के सीएम के नाम पर भेजी गई थी। इसमें शिमला में खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी गई थी। उस दौरान कई विधायकों को भी रिकार्डेड मैसेज मिले थे। गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगी।

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    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। हमने इस बारे में केंद्र से बात की है और सभी जानकारी एकत्र की जा रही है कि इस सब के पीछे कौन हो सकता इसकी जांच की जायेगी। हमने एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है । और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। राज्य में सुरक्षा उपाय के रूप में एक नया कदम उठाया है, जिसके तहत हिमाचल सीमा पर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि हम इस तरह की घटनाओं को दोबारा होने से रोक सकें। जयराम ठाकुर ने कहा 'वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। हम उन लोगों को पकड़ने की कोशिश करेंगे, जिन्होंने इस हरकत को अंजाम दिया है। हम दोषियों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेंगे। इसके अलावा हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करेंगे ताकि अराजक तत्वों की एंट्री पर लगाम कसी जा सके।'

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    हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों और पड़ोसी राज्यों में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और कथित तौर पर छह जून को खालिस्तान 'जनमत संग्रह दिवस' घोषित किए जाने की खबरों के बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक ने सीमाओं को सील करने के साथ ही राज्यभर के संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने का आदेश दिया है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि पन्नू के खिलाफ बतौर मुख्य आरोपी यूएपीए की धारा 13 और भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और 153बी के अलावा अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    कुंडू ने कहा कि कांगड़ा जिले की धर्मशाला तहसील के अंतर्गत कानेद गांव के राम चंद उर्फ अजय कुमार की शिकायत पर पन्नू और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस बीच , अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगी। आरंभिक जांच में पाया गया है कि पन्नू यूएसए से वेबपोर्टल का इस्तेमाल कर धमकी भरे संदेश भेज रहा है। अब धर्मशाला विधानसभा परिसर में खालिस्तान के झंडे लगाए जाने और धमकी भरे संदेश भेजने की घटना के बाद पन्नू के खिलाफ यह बड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकार शीघ्र ही संबंधित अभियोग में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पन्नू के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करके अदालत में पेश करेगी। राज्य पुलिस मुख्यालय ने इंटरपोल को पत्र लिखकर पन्नू के बारे में जानकारी मांगी है।

    खालिस्तान समर्थक पन्नू विदेश में बैठकर सोशल मीडिया एवं आधुनिक संचार तकनीकों के माध्यम से आम जनता, जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबरों व सोशल मीडिया खातों पर धमकी भरे संदेश भेज रहा है। जुलाई 2021 के आखिरी सप्ताह में उसने प्रदेश के कुछ लोगों, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को एक मिनट का रिकॉर्ड किया हुआ संदेश मोबाइल नंबरों पर भेजा था। इसमें 15 अगस्त को तिरंगा न फ हराने की धमकी दी थी। इस संदर्भ में प्रदेश पुलिस ने राज्य गुप्तचर विभाग के साइबर अपराध थाना शिमला में 31 जुलाई 2021 को अभियोग संख्या 04/21 धारा 124,153 ए, 506, 120बी आईपीसी और गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के तहत पंजीकृत किया है।

    जुन्गा लैब में ऑडियो संदेश की आवाज पन्नू की पाई गई है। यह तथ्य भी सामने आया है कि ये संदेश यूएसए से एक वेब एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए प्रेषित किए गए थे। 1 जुलाई 2020 को भारत सरकार ने पन्नू को संशोधित यूएपीए कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के अनुसार प्रक्रिया अमल में ला रही है।

    उधर , दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने इस घटना को एक बड़ी सुरक्षा विफलता करार देते हुए मांग की कि या तो हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तुरंत इस्तीफा दें अथवा केंद्र सरकार प्रदेश में उनकी सरकार को तत्काल बर्खास्त करे। आप ने कहा कि या तो केंद्र और हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकारें पूरी तरह से अक्षम हैं या भाजपा के नेता खालिस्तानियों के साथ हाथ मिला चुके हैं।

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