OPINION: 'अंत्योदय' मिशन पर हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार की ओर से गरीब परिवारों के कल्याण के लिए पिछले दो कार्यकालों में अप्रत्याशित पहल हुए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार का लक्ष्य अंत्योदय या समाज के अंतिम कतार के लोगों का कल्याण है। इनके लिए अनेकों योजनाएं चलायी जा रही हैं, जिससे लाखों गरीब परिवारों को आगे बढ़ने में सहायता मिली है।
गरीब परिवारों के कल्याण के लिए हरियाणा में चल रही योजनाओं में से एक है 'मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना'। इसके तहत गरीब परिवार की बेटियों की शादी के लिए सरकार हर समय हाथ बढ़ाने के लिए तैयार रहती है। पहले इसके तहत 31,000 रुपए की जो सहायता मिलती थी, उसे बढ़ाकर 41,000 रुपए किया जा चुका है।

अंत्योदय परिवार की बेटियों का कल्याण
अनुसूचित जातियों की अंत्योदय परिवार की बेटियों की शादी पर सरकार जो सहायता दे रही थी, उसे और बढ़ाकर अब 71,000 रुपए किया जा चुका है। पहले मदद की यह राशि 51,000 रुपए होती थी।

आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार देने में सक्षम बनाने की पहल
हरियाणा सरकार की अंत्योदय योजनाओं में एक योजना है- 'मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना'। इस योजना के तहत खट्टर सरकार प्रदेश के सबसे गरीब परिवारों की पहचान करती है। इस योजना के तहत ऐसे अंत्योदय परिवारों के कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार पैदा करने वाले उपायों को बढ़ावा दिया जाता है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य अंत्योदय परिवारों की न्यूनतम आय बढ़ाने में मदद करना है।

खट्टर सरकार ने 'मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना' के तहत अंत्योदय परिवारों के 50,000 लोगों को स्वरोजगार के लिए लोन दिए हैं। इस योजना के माध्यम से सरकार अंत्योदय परिवारों को न सिर्फ स्वावलंबी बनने में सहायता कर रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बनाने की कोशिश कर रही है।

गरीबों को रोजी-रोटी देने वाली हरियाणा सरकार
जहां एक तरफ हरियाणा सरकार आर्थिक सहायता देकर गरीबों को रोजी उपलब्ध कराकर आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुटी हुई है, वहीं उनकी रोटी का भी मुफ्त इंतजाम कर रही है। राज्य में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले (BPL) 35 लाख परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहायता
अंत्योदय परिवार के बच्चों की शिक्षा में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए 12वीं तक के बच्चों की फीस पूरी तरह से माफ की गई है। जबकि, बेटियों के मामले में पोस्ट ग्रैजुएशन तक की फीस से राहत दी गई है।

हरियाणा में गरीबों का चौतरफा कल्याण
इन सबके बीच सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग को पंचायती राज संस्थानों में भी अलग से आरक्षण की व्यवस्था है। मसलन, पिछड़ा वर्ग-ए को इन संस्थानों में 8% आरक्षण दिया गया है। इस तरह से हरियाणा की खट्टर सरकार गरीब-पिछड़े परिवारों को मुफ्त राशन भी दे रही है, मुफ्त शिक्षा का भी इंतजाम है, उन्हें रोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं और उन्हें रोजगार देने लायक भी बनाया जा रहा है।

इन सबके बीच खासकर हरियाणा की बेटियों के सामाजिक और आर्थिक रूप से कल्याण के लिए विशेष व्यवस्था भी की जा रही है। एक सफल लोकतंत्र के लिए जिस कल्याणकारी राज का सपना देखा गया है, वह आज की तारीख में हरियाणा में दिख सकती है।












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