OPINION: बुजुर्गों के सम्मान के लिए पूरी तरह से समर्पित है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार बुजुर्गों के सम्मान को लेकर बहुत ही अधिक सजग है। उनके लिए इस साल के बजट में पेंशन की राशि भी बढ़ाई गई है। इस वजह से लाभार्थियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार एक ओर तो प्रदेश के विकास के लिए चौतरफा फोकस कर रही है, दूसरी तरफ वह सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी हमेशा से चिंतित रही है। समाज में हर वर्ग का कल्याण हो, इसके लिए उसने कभी कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है। वित्त वर्ष 2023-2024 के बजट से भी उसकी यह भावना जाहिर होती है। यही वजह है कि आज की तारीख में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (पेंशन) योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

वृद्धावस्था सम्मान भत्ता: लाभार्थियों की बढ़ रही है संख्या
हरियाणा में रविवार सुबह तक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (पेंशन) योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 18,34,929 हो चुकी है। हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार की ओर से जितनी भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं, उसमें से सबसे बड़ा हिस्सा वृद्धावस्था सम्मान भत्ते का ही है। इससे राज्य सरकार बुजुर्गों के प्रति चिंता और सम्मान की भावना नजर आती है। सरकार के अनुमानों के मुताबिक इस योजनाए के लाभार्थियों की संख्या 29.71 लाख तक हो सकती है।

अब 2,750 रुपए मिलती है पेंशन
गौरतलब है कि साल 2023-2024 के बजट में इसके लिए फंड को बढ़ाकर 5,538 करोड़ रुपए किया गया है। यह रकम पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 138 करोड़ रुपए अधिक है। बता दें कि 1 अप्रैल, 2023 से हरियाणा में बुजुर्गों को मिलने वाली यह मासिक पेंशन भी बढ़ाकर 2,750 रुपए की जा चुकी है।

सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचती है रकम
इस तरह से अब हरियाणा में बुजुर्गों को 250 रुपए महीने ज्यादा का भुगतान किया जा रहा है। पहले यह मात्र 2,500 रुपए महीने मिलता था। इस साल के बजट में खट्टर सरकार ने बजट प्रस्तावों में पेंशन योजनाओं के लिए ही अकेले 13,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इस योजना का बड़ा फायदा ये है कि सम्मान की रकम सीधे लाभार्थियों के खाते में डाल दी जाती है, उन्हें इसके लिए कहीं भटकने की आवश्यकता नहीं होती।
60 साल से अधिक के बुजुर्ग इसके योग्य
वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (पेंशन) योजना का लाभ हरियाणा निवासी उन वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है, जो 60 साल से अधिक के हो चुके हों और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करते हों। यह सुविधा उन बुजुर्गों को मिलती है, जिनकी कुल सालाना आमदनी (पति/पत्नी समेत) 3,00,000 रुपए से अधिक न हो।

इसके अलावा वह बुजुर्ग व्यक्ति भी इस योजना के लाभार्थियों में शामिल नहीं किए जा सकते, जिन्हें किसी सरकारी या उससे संबंधित संगठनों से अलग से पेंशन मिलती हो। इसमें भविष्य निधि से मिलने वाली पेंशन भी शामिल है।












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