OPINION: हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार के इन 4 बड़े फैसलों ने प्रदेश को दी नई दिशा
हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। सरकार के इन कदम का साफ असर देखने को मिल रहा है। सरकार की ओर से दिए जा रहे इन तोहफों से ना सिर्फ इन वर्कर्स की स्थिति बेहतर हो रही है बल्कि प्रदेश में विकास को एक नई दिशा भी मिल रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और वर्कर्स को सर्वाधिक मानदेय देने वाला राज्य अब हरियाणा बन गया है। देश में हरियाणा से अधिक किसी भी राज्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्पर को मानदेय नहीं मिलता है।
प्रदेश सरकार की ओर से आंगनवाड़ी वर्कर्स के कार्यकाल के अनुसार उनकी सैलरी को भी बढ़ा दिया गया है। अब जो वर्कर्स 10 साल से अधिक अपनी सेवा पूरी कर चुके हैं उन्हें 12661 रुपए की बजाए 14000 रुपए दिए जा रहे हैं। वहीं जिन वर्कर्स का कार्यकाल 10 वर्ष से कम का है उन्हें 11401 रुपए की बजाए 12500 रुपए दिए जा रहे हैं।

आंगनवाड़ी हेल्पर की बात करें तो उनके मानदेय को 6781 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए कर दिया गया है। यही नहीं इनके रिटायरमेंट फंड को भी सरकार ने बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद वर्कर्स का रिटायरमेंट फंड 2 लाख रुपए कर दिया गया है जबकि हेल्पर का भी रिटायरमेंट फंड 2 लाख रुपए कर दिया गया है।
सरकार इस बात को समझती है कि आंगनवाड़ी हेतु कमरों के किराए में संशोधन की जरूरत है। जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने ग्रामीण इलाकों में न्यूनतम किराए को 200 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया है। वहीं शहरी इलाके में न्यूनतम किराया 1500 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने इनके वर्दी भत्ते को भी बढ़ा दिया है। इसे 800 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने ऐलान किया है कि सुपरवाइजर के 25 फीसदी पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से ही भरे जाएंगे।
सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि
इसके साथ ही प्रदेश सरकार सफाई कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन राशि देने जा रही है। प्रदेश सरकार ने लक्ष्य रखा है कि भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में अगर प्रदर्शन अच्छा रहता है तो सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले पहले 25 फीसदी निकायों के कर्मचारियों को सरकार 12000 रुपए प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि के तौर पर देगी। वही अगले जो कर्मचारी अगली 25 फीसदी की श्रेणी में आएंगे उन्हें प्रति वर्ष 9000 रुपए की राशि दी जाएगी।
छात्र परिवहन सुरक्षा योजना
बेहतर शिक्षा किसी भी समाज को विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए बेहद जरूरी है। इस बात को प्रदेश सरकार बेहतर समझती है। यही वजह है कि सरकार ने दूर दराज के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बस सेवा मुहैया कराने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने छात्र परिवहन सुरक्षा योजना का ऐलान किया है। शुरुआती चरण में इसे करनाल जिले में शुरू किया गया है। बाद में इसे अन्य जिलों में भी मुहैया कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना
समाज के हर वर्ग के हित को प्रदेश सरकार ने अपने एजेंडे में शामिल किया है। इसी मद्देनजर सरकार ने बुजुर्गों को भव्य तीर्थों के दिव्य दर्शन कराने का फैसला लिया है। सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की है। इसके तहत जिन लोगों की वार्षिक आय 1.80 लाख है, उनके परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही तीर्थ यात्रा पर जाने के लिए न्यूनतम आयु 60 वर्ष होनी चाहिए।












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