नौकरियों में 75% आरक्षण: हरियाणा सरकार के फैसले को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
चंडीगढ़। प्राइवेट नौकरियों में हरियाणा के स्थानीय निवासियों को 75% आरक्षण देने के फैसले पर राज्य सरकार हाईकोर्ट के समक्ष कटघरे में है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के रोक लगाने के फैसले को रोका और कहा कि, पूरे मामले को ठीक से देखा जाए। जिसके बाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि, 1 मार्च तक जवाब दिया जाए।

बता दें कि, हरियाणा सरकार के नए कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। हाल की सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय तिवारी और जस्टिस पंकज जैन की खंडपीठ ने कहा कि, सॉलिसिटर जनरल इस मामले में 3 फरवरी को पैरवी कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में 16 मार्च तक फैसला करने की इच्छा जताई है। ऐसे में केंद्र सरकार भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती है। केंद्र सरकार 1 मार्च तक अपना जवाब दायर करे।'

हाईकोर्ट में खंडपीठ ने यह भी कहा कि, केंद्र सरकार से जवाब नहीं मिलने पर केंद्र के लॉ सेक्रेटरी को अदालत में पेश होकर बताना होगा कि जवाब दाखिल क्यों नहीं किया गया।'
वहीं, हरियाणा सरकार मामले से जुड़े 3 केसों में जवाब दायर कर चुकी है। अब हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 4 मार्च के लिए तय की है। गौरतलब हो कि, हरियाणा सरकार के प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण के फैसले पर 3 फरवरी को हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। शीर्ष कोर्ट ने हाईकोर्ट को दोबारा सुनवाई करने का आदेश दिया था।












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