Haryana political crisis: सैनी सरकार पर गहराए संकट के बादल, दुष्यंत चौटाला ने की फ्लोर टेस्ट की मांग
Haryana political crisis,हरियाणा में जारी सियासी राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। तीन निर्दलीय विधायकों द्वारा नायब सिंह सैनी सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के कुछ दिनों बाद जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला ने राज्यपाल को पत्र लिखकर फ्लोर टेस्ट की मांग की है।
जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को हरियाणा के राज्यपाल को पत्र लिखकर राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ फ्लोर टेस्ट की मांग की है। बीजेपी की पूर्व सहयोगी जेजेपी पहले ही कह चुकी है कि वह हरियाणा में बीजेपी सरकार गिराने में कांग्रेस की मदद करने को तैयार है।

पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को पत्र में लिखा कि, दो विधायकों की स्थिति के बाद सदन की संख्या 88 है। बीजेपी के पास 40 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 30 ,जेजेपी के 10, निर्दलीय 6 ,हलोपा और इनेलो के पास 1-1 है। तीन निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापिस लिया है। ऐसे में सरकार के पास विश्वास मत नहीं रहा इसलिए विधानसभा का सत्र बुलाकर सरकार फ्लोर टेस्ट पास करे।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि, हमने राज्यपाल की लिखी चिट्ठी में बताया- दो महीने पहले बनी सरकार अब अल्पमत में है क्योंकि उन्हें समर्थन देने वाले दो विधायकों - एक भाजपा से और दूसरा एक स्वतंत्र विधायक ने इस्तीफा दे दिया है। तीन निर्दलीय विधायक जो उनका समर्थन कर रहे थे, उन्होंने अपना समर्थन वापस ले लिया है। जेजेपी ने साफ कहा है कि अगर इस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो हम प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। अब कांग्रेस को यह तय करना होगा कि क्या वे वर्तमान भाजपा सरकार को घेरने के लिए कोई कदम उठाने जा रहे हैं या नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर राज्य सरकार के पास "बहुमत" नहीं है तो राज्यपाल को हरियाणा में राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए। चौटाला ने कहा, राज्यपाल के पास शक्ति परीक्षण का आदेश देने की शक्ति है। वह देखैं कि हरियाणा सरकार के पास बहुमत है या नहीं और यदि उसके पास बहुमत नहीं है, तो तुरंत राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करें।
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यही नहीं जेजेपी ने हरियाणा में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग भी की है। बता दें कि, सोमवीर सांगवान (दादरी), रणधीर सिंह गोलेन (पुंडरी) और धरमपाल गोंदेर (नीलोखेड़ी) ने दो दिन पहले बीजेपी की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।
भाजपा सरकार के पास मौजदा समय में 43 सीटें हैं जबकि बहुमत के लिए 45 सीटें चाहिए। ऐसे में हरियाणा की मौजूदा सरकार और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच सरकार बनाने और गिराने को लेकर खींचतान जारी है।
हालांकि, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार किसी संकट में नहीं है। उनके पूर्ववर्ती और पार्टी सहयोगी एमएल खट्टर ने भी दावा किया कि कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और "चिंता की कोई बात नहीं है। वहीं करनाल में आज हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि, वे (कांग्रेस) लोग मुंगेरी लाल की तरह सपने देखते रहते हैं। उन्होंने कोई काम नहीं किया और जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है। जब भी कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, भ्रष्टाचार की गति बढ़ जाती है। कांग्रेस लोगों को परेशान करने का काम करती है...आने वाले समय में जब विधानसभा चुनाव होंगे तो प्रदेश में तीसरी बार बीजेपी की सरकार भारी संख्या में सत्ता में आएगी।












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