हरियाणा: नूंह जा रहे कांग्रेस डेलिगेशन को पुलिस ने रोका, धारा 144 का दिया हवाला
हरियाणा के नूंह जिले में पिछले दिनों हुई हिंसा में करीब 7 लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार को हिंसा प्रभावित इस क्षेत्र का दौरा करने जा रहे हरियाणा कांग्रेस के नौ सदस्यीय डेलीगेशन को पुलिस ने रोक दिया है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को नूंह पीड़ितों के परिवार से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई।
नूंह जिले में गत 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद की धार्मिक यात्रा के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। जिसके बाद कांग्रेस ने जिले में अपना प्रतिनिधि मंडल भेजने का ऐलान किया था। नूंह हिंसा का जायजा लेने जा रहे कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रेवासन गांव के पास रोक लिया।

कांग्रेस के इस काफिले में में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष उदय भान, जितेंद्र भारद्वाज, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव, महेंद्रगढ़ से विधायक राव दान सिंह और बीबी बत्रा शामिल हैं। नूंह पुलिस ने पहले ही पलवल रोड पर बैरिकेडिंग कर दी थी।
नूंह पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह बिजारनिया ने कहा कि, कांग्रेस नेताओं को नूंह में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। क्योंकि जिले में धारा 144 लागू है। प्रशासन पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। राजनीतिक दौरा हुआ तो प्रशासन का काम बढ़ जाएगा। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए हम उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद वे अपनी यात्रा करें।
पहले रविवार को सीपीआई नेताओं को भी नूंह और गुरुग्राम के हिंसा वाले क्षेत्रों में नहीं जाने दिया गया था। इसके पीछे भी पुलिस ने धारा 144 और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया था।
नूंह पलवल रोड़ पर बेरीगेंटिंग और कई पुलिस की टुकड़ियों की तैनाती की गई है। कांग्रेस का काफिला रोके जाने पर सासंद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि, हमारा प्रतिनिधिमंडल नूंह शहर, नल्हड़ मंदिर और बाजारों का दौरा करना चाहता है। हम सभी से बात करना चाहते हैं...वहां काफी पुलिस की तैनाती है। अगर यह पहले किया गया होता तो हिंसा नहीं होती।
एसपी नरेंद्र बिरजानिया ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए हैं और आसमाजिक तत्वों पर कार्रवाई कर रहे हैं। इस दौरान अब तक कुल 56 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नूंह हिंसा के मद्देनज़र राज्य की स्थिति को संभालने के लिए नरेंद्र बिरजानिया को भिवानी से हटाकर नूंह भेजा गया है।












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