'जहां बेटियों को मार दिया जाता था, आज मनाते खुशी', मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के दौरान हरियाणा CM खट्टर
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना की कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आज बेटियों की शादी में सरकार भी शगुन देकर कन्यादान कर रही है।

हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत कॉन्फ्रेंसिंग के तहत इस योजना के लाभ बताए। साथ ही कहा कि एक समय था जब हरियाणा को बेटियों को मारने का प्रदेश माना जाता था। लेकिन, आज बेटियों के पैदा होने पर खुशी मनाई जाती है।
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हम भी आपकी खुशी में शामिल हैं। कन्या दान को अपनी संस्कृति में एक महादान माना जाता है। बेटी के घर आगमन पर हम कहते हैं कि लक्ष्मी आई है। हर मां बाप अपनी बेटी की शादी बड़े धूमधाम से करना चाहते हैं। लेकिन, कुछ परिवार ऐसे होते हैं जिन्हें बेटी की शादी करने में कठिनाई होती है।
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि हमने विवाह के शगुन की राशि 821 करोड़ रुपये तय की हैं। राशि की दरें बीपीएल, जाति आधारित वर्ग और दिव्यांग के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। इसके लिए 32 हजार से लेकर 71 हजार रुपये तक की ये राशि दी जा रही है। साथ ही ये राशि पहले 2 बेटियों के लिए दिया जाता था। लेकिन, अब परिवार की सभी बेटियों को दिया जाएगा।
वहीं, इन श्रेणी में न आने वाले परिवार की बेटियों को बधाई देने के लिए हमारी सरकार विवाह के पंजीकरण के 30 दिन बाद 1100 रुपये और एक मिठाई का डिब्बा दिया जाएगा।
साथ ही उन्होंने बताया कि पहले लोगों को इस योजना के लाभ के लिए समाज कल्याण विभाग के दफ्तरों के काफी चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन, अब ऑनलाइन पोर्टल में आवेदन के कुछ दिन में ही शगुन की ये धनराशि प्राप्त हो जाती है।
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बेटियां हमारी शान हैं। एक समय था जब हरियाणा को बेटियां मारने वाला प्रदेश भी माना जाता था। यहां पर लिंगानुपात भी बहुत कम होती थी। पीएम मोदी के साल 2014 में आते ही इसको लेकर काफी चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने बेटियों को बचाने के लिए लोगों के बीच कई जागरुक अभियान चलाए। आज लोग बेटियों के पैदा होने पर खुशियां मनाते हैं।












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