'मेरी माटी मेरा देश' कार्यक्रम में शामिल होने रोहतक पहुंचे CM खट्टर, कहा- 'इस का उद्देश्य युवाओं में...'
Haryana News: हरियाणा में आज से 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी रोहतक पहुंचे। यहां उन्होंने सर्वप्रथम अमृत वाटिका का शिलान्यास कर पौधारोपण किया और वहां उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि प्रकृति संरक्षण के महत्व को समझते हुए पौधारोपण अवश्य करें।
इस दौरान बोलते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि वर्ष 2022 से 2047 तक देश में आजादी का अमृत काल चलाया जा रहा है जिसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना है। हर घर तिरंगा के बाद अब मेरी माटी-मेरा देश कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस मुहिम का उदेश्य युवाओं में देशभक्ति की भाव-भावना को जागृत करना है। देश के लगभग 7 लाख गावं व शहरों के घर-घर से लाई जा रही यह पवित्र माटी जब दिल्ली पहुंचेगी तो प्रधानमंत्री स्वयं सभी स्वयंसेवकों को शपथ दिलाएंगे।
रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएम खट्टर ने उपस्थित जनसमूह को पंच प्रण की शपथ भी दिलवाई जो दृढ़ता से हम सभी के जीवन का हिस्सा बनेगी। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब हम सुबह सोकर उठते हैं तो इस धरती को प्रणाम करते हैं।
ये धरती हमें अन्न देती है, वनस्पत देती है। खनिज देती है। इस माटी के बिना हमारा अस्तित्व नहीं है। हमें इस माटी को पूजना है। हमने हर गांव जा-जाकर जो हमारे जवान शहीद हुए उनकी मूर्ति पर तिलक किया। उन्हें सम्मान किया। उनके नाम गौरव पटों पर लिखा है। ये गौरव पट गांव-गांव में मौजूद हैं। हमने वहां की मिट्टी लाकर ये कहा कि देश आजाद हो रहा है।
ये अमृतकाल है 25 सालों का जो 2047 में समाप्त होगी। इसलिए हमने कहा कि गांव-गांव में अमृत वाटिका बनाओ। गांव के बाद प्रदेश स्तर पर हम सब इकट्ठे होंगे। मैं इन लाए हुए 242 कलश के सामने नतमस्तक होता हूं। इन 242 मिट्टी को मिलाकर एक प्रदेश स्तर का अलग कलश बनाया है।
ताकि, ये हमारे लिए यादगार बनी रहे ताकि कल को प्रदेश स्तर पर कोई अमृत वाटिका बनानी हो तो हम बना सकें। ये 242 कलश 31 अक्टूबर को दिल्ली में जाएंगे। जहां पर देशभर के 75 हजार कलश होंगे। इनका एक मार्ग दिल्ली में बनाया जाएगा। वहां इस मिट्टी का उपयोग हो।












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