विदेश में नौकरी का झांसा देकर 6 युवकों को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेला, परिवार वाले तलाशने की कर रहे गुहार
Haryana News: हरियाणा के कैथल जिले के गांव मटौर का एक युवक अपनी जमीन बेचकर कमाने खाने के लिए विदेश गया। एजेंट्स ने युवक को रोजगार के नाम पर रूसी सेना में शामिल कर दिया। रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान युवक की मौत हो गई। परिवार ने विदेश मंत्रालय से युवक के लापता होने की जानकारी देने की गुहार की। तब रूस में भारतीय दूतावास ने युद्ध के दौरान युवक की मौत की पुष्टि की है। अब परिवार मृतक रवि का शव लेने के लिए जूझ रहा है। इसी गांव से छह लोग कमाने के लिए विदेश गए थे। पांच युवक अभी भी लापता हैं।
कैथल जिले के गांव मटौर के रूस युद्ध में मारे गए रवि के बड़े भाई ने बताया कि एक एकड़ को बेचकर 11 लाख रुपए में उनका छोटे भाई रवि 13 जनवरी 2024 को गांव के छह अन्य युवाओं के साथ रोजगार की तलाश में विदेश गए थे। वहां एजेंट ने उन्हें हेल्पर की नौकरी का आश्वासन दिया था।

लेकिन उनके भाई को रूस-यूक्रेन युद्ध में फेंक दिया गया। मेरे भाई के साथ मेरा आखिरी संपर्क 12 मार्च को हुआ था। उस दौरान उन्होंने बताया था कि वे 6 मार्च से लड़ाई में लगे हुए हैं। अब उन्हें फिर से युद्ध क्षेत्र में जाना होगा। तब से मेरा भाई लापता था। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय विदेश मंत्री से संपर्क किया। अंत में रवि के पासपोर्ट नंबर का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए दूतावास से मृत्यु की सूचना दी गई थी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच लापता हुए 22 वर्षीय रवि मौण के परिवार को लगभग पांच महीने बाद उसकी मौत की खबर मिली है।
दूतावास ने रवि के शव को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए पहचान के तौर पर उसकी मां की डीएनए रिपोर्ट मांगी है। लेकिन रवि की मां की पहले ही मौत हो चुकी है। पिता के बेहद बीमार होने की स्थिति में बड़े भाई अजय मौण डीएनए के लिए आगे आए हैं। इस संबंध में अजय ने मॉस्को में भारतीय दूतावास को ई-मेल लिखा है। ई-मेल का जवाब मिलने के बाद और डीएनए रिपोर्ट भेजने के बाद ही शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
रवि के परिवार का आरोप है कि उन्हें उसके रूसी सेना में शामिल होने के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। परिवार का कहना है कि रवि को धोखे से रूस की सेना में शामिल कराया गया है। इस पूरे मामले के बाद एजेंट्स को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि किस तरह से वो भोल-भाले युवाओं को रोजगार के नाम पर युद्ध की आग में झोंक रहे हैं। वहीं कैथल पुलिस ने इस मामले में एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सत्यवान के तौर पर हुई है। जो मृतक रवि मौण के ही गांव का रहने वाला है।












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