मैं हैरान हूं आतंकियों ने 'साइकिल' को क्यों किया पसंद, हरदोई में पीएम मोदी ने अखिलेश पर कसा तंज
मैं हैरान हूं आतंकियों ने 'साइकिल' को क्यों किया पसंद, हरदोई में पीएम मोदी ने अखिलेश पर कसा तंज
हरदोई, 20 फरवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'अहमदाबाद में शायद ही पहली बार आतंकवादियों ने धमाका किया था। वहां भी सैकड़ों लोग मारे गए। लेकिन इन्होंने क्या किया, यहां समाजवादी पार्टी का जो चुनाव सिंबर है ना, शुरू में जो बम धमाके हुए वो सारे के सारे उन्होंने बम साइकिल पर रखे हुए थे। साइकिल पर बम विस्फोट हुए। पीएम मोदी ने कहा मैं हैरान हूं आतंकियों ने साइकिल को क्यों पसंद किया।

इस दौरान उन्होंने जनसभा में बोलते हुए कहा कि 'पहली होली 10 मार्च को भाजपा की बंपर जीत के साथ मनाई जाएगी। अगर ऐसा करना है तो उसकी तैयारी मतदान केंद्रों पर करनी होगी।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आपने जिस डबल इंजन की सरकार को आशीर्वाद दिया है, वो किसी एक खानदान की सरकार नहीं है। दिल्ली में भारत की सरकार किसी एक खानदान की सरकार नहीं है। ये गरीब, किसान और नौजवानों की सरकार है।
पीएम मोदी ने पूर्व की सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ''आप याद कीजिए 5 साल पहले माफियावादियों ने उत्तर प्रदेश का क्या हाल बना रखा था। व्यापारी को व्यापार करने में डर लगता था। लोग कहते थे कि दिया बरे घर जल्दी लौट आओ। हरदोई के लोगों ने देखा है कि कैसे इन लोगों (विपक्ष) ने कट्टा और सत्ता को खुली छूट दी थी।'' पीएम ने कहा, ''मुझे याद है कि प्रदेश में बिजली आती थी तो एक जमाने में ख़बर बनती थी। घर में जैसे कभी मेहमान आते थे, वैसे यहां बिजली आती थी। घोर परिवारवादी बिजली नहीं, बिजली का झटका देने के लिए तैयार बैठे हैं। जिनके काले कारनामे अंधेरे में फलते-फूलते हों, वो कभी प्रदेश को उजाला नहीं दे सकते।''
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'ये वो लोग हैं जो कुर्सी के लिए अपने परिवार से भी लड़ जाते हैं'
पीएम मोदी ने आगे कहा कि चुनाव हार रहे घोर-परिवारवादी अब जात-पात के नाम पर जहर फैलाएंगे। लेकिन आपको केवल एक ही बात याद रखनी है कि उत्तर प्रदेश का विकास तो देश का विकास। मोदी ने कहा कि ये वो लोग हैं जो कुर्सी के लिए अपने परिवार से भी लड़ जाते हैं। ये घोर परिवारवादी किसी जाति या समाज के लिए भी नहीं हो सकते।












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