Kuno: नामीबिया-साउथ अफ्रीका से विशेषज्ञ आए, चीतों का कर रहे इलाज, 11 चीते बाड़ों में बंद
Kuno National Park: नामीबिया और साउथ अफ्रीका से आए चीता विशेषज्ञ कूनो नेशनल पार्क में चीतों का स्वास्थ्य परीक्षण, इलाज में मदद कर रहे हैं। चीतों के कॉलर आईडी उतारे जा रहे हैं। इधर चीतों की मौत के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर तीन राज्यों के वन्य प्राणी विशेषज्ञ कूनो में 8 चीतों की मौत को लेकर जांच-पड़ताल में जुटे हैं। कुल 15 बचे चीतों में से 11 को बाड़ों में रखा गया है।

कूनो नेशनल पार्क में जंगल में छोड़े गए चीतों को एक-एक कर वापस लाया गया है। फिलहाल तक 11 चीतों को वापस बाड़े में रखा गया है। चीतों के मामलों के एक्सपर्ट, डॉक्टर नामीबिया और साउथ अफ्रीका से आ चुके हैं। वे चीतों का स्वास्थ्य परीक्षण, इनका इलाज व चीतों की मौत के कारणों की तलाश में जुटे हैंं। इसके अलावा केंद्र सरकार के निर्देश पर ओडिशा, महाराष्ट्र सहित तीन प्रदेशों के विशेषज्ञ चीतों की मौत के मामले की जांच कर रहे हैं। इनमें एक-एक चीते की मौत, कब, कहां, कैसे, किन परिस्थितियों में हुई, पीएम रिपोर्ट, शॉर्ट पीएम रिपोर्ट सहित सारे बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं।
चीता पावक जंगल से वापस लाया गया
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन की तरफ से रविवार को जारी की गई अधिकृत जानकारी के अनुसार बीते रोज चीता पावक जंगल से वापस लाया गया था। उसे बड़े बाड़े में रखा गया है। उसका स्वास्थ्य फिलहाल तक स्वस्थ्य बताया जा रहा है। इधर अब तक 6 चीतों की कॉलर आईडी हटा दी गई है। इनको संक्रमण मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाड़ों में कुल 6 नर व 5 मादा चीता मौजूद हैं। 4 चीते जो खुले जंगल में मौजूद हैं, उन्हें भी वापस लगाया जा रहा हैं। जबकि ज्वाला के चार शावकों में से एकमात्र जीवित बचे शावक को विशेषज्ञों की देखरेख में सेपरेट रखा गया है।
राजस्थान में शिफ्ट नहीं होंगे चीते
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चीतों को कूनो से राजस्थान या अन्य जगह शिफ्ट करने की फिलहाल कोई योजना या दिशा-निर्देश नहीं हैं। इस बारे में पूर्व में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव स्पष्ट कर चुके हैं कि चीते कूनो में ही रहेंगे। इस मामले में वरिष्ठ अधिकरियों व चीता स्टीयरिंग कमेटी व केंद्र सरकार ही निर्णय लेने में सक्षम है। अभी तक ऐसे कोई निर्देश नहीं मिले हैं।












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