30 जनवरी को हिंदू महासभा ने गोडसे-आप्टे स्मृति दिवस के रूप में मनाया, कालीचरण को दिया गोडसे रत्न पुरस्कार
नई दिल्ली। बीते 30 जनवरी को पूरे देश ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाया। वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हिंदू महासभा ने महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे व सह आरोपित नारायण आप्टे के लिए गोडस्-आप्टे स्मृति दिवस के रूप में मनाया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। ग्वालियर के दौलतगंज में हुतात्मा नाथूराम गोडसे और हुतात्मा नारायण आप्टे स्मृति दिवस मनाया। इस दौरान पांच लोगों को गोडसे-आप्टे भारत रत्न सम्मान दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर जयवीर भारद्वाज ने कहा कि देश के विभाजन के इतिहास की जानकारी देने के उद्देश्य से ग्वालियर में 15 नवंबर 2017 को ग्वालियर में हुतात्मा गोडसे मंदिर बनाया गया था। ये मंदिर पूरे विश्व में ये जानकारी देने में सहायक हुआ।आज प्रत्येक घर में चर्चा होना ही सत्यता को बल प्रदान करता हैं। ग्वालियर गंगा दास की बड़ी शाला में साढ़े सात सौ से अधिक साधु संतों ने आजादी के प्रथम संग्राम में वीरागना लक्ष्मीबाई के साथ बलिदान दिया। लेकिन आज तक कांग्रेस या भाजपा ने कोई उसका प्रतीक चिन्ह स्थापित नहीं किया। देश की आजादी में हिंदू महासभा का बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन इतिहास को सामने नहीं आने दिया जाता।
इसके अलावा जिला महामंत्री मोहन सिंह बघेले ने बताया कि गोडसे-आप्टे स्मृति दिवस पर संत कालीचरण महाराज (जेल में होने पर प्रमोद लोहपतरे जी), हिन्दू महासभा के मंडल महामंत्री किशोर माहौर, युवक हिंदू महासभा की जिला संयोजक पवन, जिला सहसंयोजक आनंद विहार, जिला प्रवक्ता नरेश पाठक को गोडसे-आप्टे भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया।
पीटीआई से बात करते हुए हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान हमने भारत माता की 'आरती' की। भारत को पाकिस्तान के साथ 'अखंड भारत' बनाने के संकल्प के साथ किया। हम 30 जनवरी, 1948 को उनकी गिरफ्तारी पर अपना गुस्सा व्यक्त करने के लिए 30 जनवरी को 'गोडसे आप्टे स्मृति दिवस' के रूप में मना रहे हैं। देश ने रविवार को राष्ट्रपिता को उनकी 74वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।
भारद्वाज ने कहा कि महासभा ने ग्वालियर में कालीचरण महाराज और हिंदू महासभा के चार नेताओं को "गोडसे-आप्टे भारत रत्न" से सम्मानित किया है। भारद्वाज ने कहा, "चूंकि कालीचरण महाराज जेल में हैं, इसलिए प्रमोद लोहपात्रे ने उनकी ओर से सम्मान प्राप्त किया।"
ग्वालियर के दौलतगंज इलाके में महासभा के कार्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए भारद्वाज ने दावा किया कि हिंदू महासभा ने स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान दिया है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा ने लोगों को संतों और "स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सात लाख लोगों" के बलिदान के बारे में जानकारी नहीं दी।
उन्होंने कहा कि महासभा सभी क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि और सम्मान देती है। पिछले नवंबर में, हिंदू महासभा ने कहा था कि वह हरियाणा की अंबाला सेंट्रल जेल से लाई गई मिट्टी का उपयोग करके नाथूराम गोडसे की एक मूर्ति को गढ़ेगी, जहां उन्हें 1949 में फांसी दी गई थी। नवंबर 2017 में, ग्वालियर जिले के अधिकारियों ने गोडसे के कार्यालय को गोडसे के 'मंदिर' में बदलने के दक्षिणपंथी संगठन के प्रयास को विफल करते हुए, गोडसे की प्रतिमा को जब्त कर लिया था।












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