अब कूनो पालपुर नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीता और ग्वालियर जू में तेंदुआ के होंगे दीदार
कूनो पालपुर नेशनल पार्क में अगस्त से दिखेंगे 12 चीते, ग्वालियर जू में लाए गए तेंदुआ, भेड़िया और लोमड़ी
ग्वालियर, 5 जुलाई। कूनो नेशनल पार्क में अब अफ्रीकी चीते देखने को मिलेंगे। श्योपुर पहुंचने वाले पर्यटकों को अब चीतों का दीदार करने का लुत्फ भी मिलेगा। सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त के महीने में अफ्रीका से 12 चीते कूनो पालपुर नेशनल पार्क में लाए जाएंगे। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

हमारे देश में चीते विलुप्त हो गए हैं। कई सालों से हमारे देश के जंगलों में चीते नहीं देखे गए। है। जानकारों का कहना है कि हमारे देश में आखिरी बार चीता छत्तीसगढ़ राज्य में देखा गया था। साल 1950 में चीते को आखरी बार देखा गया था। इसके बाद किसी ने देश में चीते को नहीं देखा। इसके बाद मान लिया गया कि हमारे देश में चीते विलुप्त हो चुके हैं।

सिंह परियोजना के संचालक सीएस निनामा ने बताया है कि चीतों को अफ्रीका से लाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चीतों को लाने के लिए हवाई मार्ग की व्यवस्था की गई है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो 12 चीतों को अगस्त के महीने में अफ़्रीका से हवाई मार्ग द्वारा इंडिया लाया जाएगा।

एक तरफ जहां कूनो पालपुर नेशनल पार्क में चीते आने की खुशी है वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर के चिड़ियाघर को भी एक मादा तेंदुआ, दो भेड़िया और दो लोमड़ी मिल गए हैं। जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से तेंदुआ, भेड़िया और लोमड़ी को ग्वालियर के चिड़ियाघर में लाया गया है।

जयपुर से लाए गए तेंदुआ, भेड़िया और लोमड़ी के बदले ग्वालियर के चिड़ियाघर से जयपुर के लिए एक टाइगर भेजा गया है। एक टाइगर के बदले जयपुर से ग्वालियर चिड़ियाघर को एक तेंदुआ, दो भेड़िया और दो लोमड़ी मिले हैं।
14 दिन बाद चिड़ियाघर में पहुंचने वाले पर्यटक को को होंगे इन वन्य प्राणियों के दीदार
जयपुर से लाए गए तेंदुआ, भेड़िया और लोमड़ी को फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि तकरीबन 14 दिन तक इन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इसके बाद इन वन्य प्राणियों को पर्यटकों के लिए आइसोलेशन से बाहर निकाला जाएगा।












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