नाइट शिफ्ट के लिए रच दी ट्रेन को डीरेल करने की साजिश! अब पहुंचे जेल, पढ़िए गुजरात के रेलवे कर्मचारी का कारनामा
Gujarat Railway Employees: गुजरात के सूरत जिले में किम रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश करने के आरोप में तीन रेलवे कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। यह घटना सोमवार को हुई और इसमें जान जोखिम में डालने वाली एक खतरनाक योजना शामिल थी।
इसमें शामिल व्यक्ति- सुभाष पोद्दार (39), मनीष मिस्त्री (28) और शुभम जायसवाल (26) रेलवे के रखरखाव विभाग में ट्रैकमैन के पद पर कार्यरत हैं। कथित तौर पर उनका मकसद सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करना और रात की शिफ्ट जारी रखना था, जिससे उन्हें दिन में छुट्टी मिल सके।
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ट्रैक से हटाए जरूरी पुर्जे
तीनों ने कथित तौर पर ट्रैक से महत्वपूर्ण पुर्जे हटा दिए। कोसांबा और किम स्टेशनों के बीच निरीक्षण के दौरान, उन्होंने शनिवार को सुबह 5:30 बजे रेलवे अधिकारियों को उन "अराजक तत्वों" के बारे में सूचित किया, जिन्होंने इलास्टिक क्लिप और दो फिशप्लेट निकाल लिए थे, जिनका उद्देश्य ट्रेन को पटरी से उतारना था।
#WATCH | Surat, Gujarat: Three railway employees arrested for conspiring to derail train near Kim railway station on 21st September pic.twitter.com/dXvHOovuVc
— ANI (@ANI) September 23, 2024
पुलिस अधीक्षक होतेश जॉयसर ने बताया, "अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ किम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश का मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। हमने पाया कि तीनों ने रात में गश्त के दौरान अपने वरिष्ठ अधिकारियों को ट्रैक से छेड़छाड़ का वीडियो भेजा था, ताकि वे इस बारे में सचेत हो सकें। रेलवे अधिकारियों ने हमें बताया कि तीनों द्वारा ट्रैक से छेड़छाड़ का पता चलने से ठीक पहले उस मार्ग से एक ट्रेन गुजरी थी।"
जॉयसर ने बताया कि छेड़छाड़ का पता लगने और ट्रेन के गुजरने के बीच का समय इतना कम था कि वे क्लिप और प्लेट नहीं हटा पाए। उनके मोबाइल फोन की जांच करने पर पुलिस को छेड़छाड़ की गई पटरियों के वीडियो मिले जो सुबह 2:56 से 4:57 बजे के बीच लिए गए थे। मिस्त्री ने अपने द्वारा खींची गई कुछ तस्वीरें भी डिलीट कर दी थीं।
इस साक्ष्य से पता चलता है कि उन्होंने सुबह 5:30 बजे रिपोर्ट करने से बहुत पहले ही तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे। जॉयसर ने बताया कि गहन पूछताछ के बाद तीनों ने अपनी हरकतें कबूल कर लीं।
नाइट शिफ्ट और सम्मान पाने के लिए बनाया था प्लान
जॉयसर ने कहा, "उन्होंने यह काम इसलिए किया ताकि उन्हें सम्मानित किया जा सके और उन्हें रात की ड्यूटी पर तैनात किया जा सके, जिससे उन्हें दिन में परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सके। पोद्दार को यह विचार इसलिए सूझा क्योंकि मानसून के दौरान उनकी रात की ड्यूटी खत्म होने वाली थी।"
जांच से पता चला कि उनकी हरकतें महज शरारत से कहीं बढ़कर पूर्वनियोजित थीं। पहचान और निजी सुविधा की चाहत ने उन्हें इस तरह के लापरवाह व्यवहार के लिए प्रेरित किया।
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