गुजरात दंगा: तीस्ता सीतलवाड़, रिटायर्ड DGP कुमार और पूर्व IPS अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ चार्जशीट दायर
नई दिल्ली। गुजरात में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 2002 के दंगों के संबंध में फर्जी सबूत गढ़ने के मामले में मुंबई की एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़, रिटायर्ड डीजीपी आरबी कुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बता दें कि, तीस्ता सीतलवाड़ जमानत पर बाहर हैं, वहीं, रि. डीजीपी आरबी कुमार 25 जून से हिरासत में हैं। इनके अलावा भट्ट पालनपुर जेल में हैं, जो 1990 की कस्टोरियल डेथ के मामले में दोषी हैं।

आज पुलिस उप महानिरीक्षक दीपन भद्रन, जो एसआईटी और आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हैं, ने जानकारी दी कि अहमदाबाद की एक अदालत में एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़, रिटायर्ड डीजीपी आरबी कुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ मंगलवार को आरोप पत्र दायर किया गया है।
गौरतलब हो कि, सीतलवाड़, श्रीकुमार और भट्ट के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 194 (गलत सबूत देना या गढ़ना) के तहत आरोप पत्र दायर किया गया था। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के 211 (घायल करने के इरादे से किए गए अपराध का झूठा आरोप) और 218 (लोक सेवक को सजा या संपत्ति को जब्ती से बचाने के इरादे से गलत रिकॉर्ड बनाना या लिखना), जैसे आरोप शामिल हैं।

तीस्ता सीतलवाड़ को कांग्रेस नेताओं की करीबी माना जाता है। वह 2 सितंबर को जमानत पर बाहर हुई थीं, जबकि आर बी कुमार, जो 25 जून को गिरफ्तारी के बाद से हिरासत में हैं, ने गुजरात उच्च न्यायालय के समक्ष जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 28 सितंबर को सुनवाई होनी है। इनके अलावा संजीव भट्ट पहले से ही सजा काट रहे हैं। उन्हें पालनपुर जेल में 1990 की हिरासत में मौत के मामले में दोषी ठहराया गया था। भट्ट को गुजरात सरकार द्वारा बर्खास्त कर दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications