घायल मगरमच्छ को बचाने के लिए आधे घंटे रुकी रही राजधानी एक्सप्रेस, तभी हुआ ऐसा...
वडोदरा, 15 सितंबर: गुजरात में वडोदरा रेलवे स्टेशन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस मंगलवार तड़के करीब आधे घंटे तक एक मगरमच्छ के चलते रोक दी गई। एक विशाल मगरमच्छ को चोट लगी हुई थी और वह रेलवे की मेन लाइन की ट्रैक पर बीचों-बीच पड़ा हुआ था। घायल मगरमच्छ पर रेलवे के पेट्रोलिंग टीम की नजर पड़ी और उन्होंने फौरन कंट्रोल को जानकारी दी, जिसके बाद भारतीय रेलवे ने मगरमच्छ को रेस्क्यू करने के लिए राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन को रोकने का फैसला कर लिया। रेलवे ने मगरमच्छ की जान बचाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस ही नहीं रोकी, उन्होंने फौरन वाइल्डलाइफ से जुड़े लोगों को इसकी सूचना दी और जबतक उन्होंने वहां पहुंचकर घायल मगरमच्छ को ट्रैक से नहीं हटाया तब तक ट्रेन रुकी रही।

मगरमच्छ को बचाने के लिए करीब आधे घंटे रुकी राजधानी एक्सप्रेस
गुजरात के कर्जन में राजधानी एक्सप्रेस जैसी हाई-प्रोफाई ट्रेन मंगलावर को तड़के करीब आधे घंटे तक रुकी रही। वजह ये थी एक बड़ा सा घायल मगरमच्छ पटरी के बीच में पड़ा हुआ था, जो काफी पीड़ा में नजर आ रहा था। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक घटना सुबह करीब 3 बजे की है। रेलवे की पेट्रोलिंग टीम ने कर्जन स्टेशन मामस्टर को इसकी सूचना दी और बताया कि मगरमच्छ रेलवे ट्रैक पर जख्मी हालत में पड़ा हुआ है, जबकि यहां से इस समय राजधानी एक्सप्रेस गुजरने वाली है।

स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर दूर ट्रैक पर था मगरमच्छ
स्टेशन सुप्रीटेंडेंट संतोष कुमार ने फौरन इस बात की सूचना अपने वरिष्ठों और इंडियन रेलवे को दी, जिसने राजधानी ट्रेन को कुछ देर तक रोकने का फैसला किया। यह ट्रेन लगभग उसी वक्त में उस ट्रैक से गुजरने वाली थी। कर्जन रेलवे स्टेशन के स्टेशन सुप्रीटेंडेंट संतोष कुमार के मुताबिक 'सुबह करीब 3 बजे मेरे पास पेट्रोलिंग टीम से फोन आया, जिसमें रेलवे ट्रैक पर विशाल मगरमच्छ के होने की बात बताई गई। यह जगह स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर दूर है। '

वाइल्डलाइफ वालों के आने पर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
कुमार ने कहा है कि 'मुंबई की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस, वडोदरा-मुंबई मेन लाइन पर थी और यह वहां से गुजरने वाली थी। हम इस प्रीमियम ट्रेन को एक सेकंड के लिए भी देर नहीं करते, लेकिन मगरमच्छ को बचाने के लिए हमने इसे रोक दिया।' उन्होंने बताया कि रेलवे ने वाइल्डलाइफ ऐक्टिविस्ट हेमंत वधवाना से भी मदद के लिए संपर्क किया। वे दूसरी महिला वाइल्डलाइफ ऐक्टविस्ट नेहा पटेल के साथ मौके पर पहुंच गए और मगरमच्छ को बचाने में रेल अधिकारियों की मदद की।

बच नहीं पाया वह मगरमच्छ
बाद में हेमंत ने कहा है कि 'हमें खुशी हुई की भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम ट्रेन को एक घायल मगरमच्छ को बचाने के लिए रोकने का फैसला किया।' उन्होंने आगे बताय कि जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि मगरमच्छ के सिर में चोट लगी है और वह अपने जबड़े को नहीं चला पा रहा है। वे बोले कि 'भारतीय रेलवे की पेट्रोलिंग टीम और दूसरे अधिकारियों की मदद से हमने उस जानवर को रेलवे ट्रैक से हटा दिया और फर्स्ट ऐड दिए। हालांकि, वह विशाल रेप्टाइल नहीं बच पाया।'

किसी ट्रेन के पहिए की चपेट में आने की आशंका
वाइल्डलाइफ ऐक्टिविस्ट ने कहा है कि 'मगरमच्छ को किसी ट्रेन के पहिए की चपेट में आने से सिर में चोट लगी होगी। बाद में उसके शरीर को गुजरात के वन विभाग के अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।' वन विभाग के एक अधिकारी ने आशंका जताई कि हो सकता है कि पानी जमा होने के चलते वह अपने प्राकृतिक ठिकाने से बाहर निकल आया होगा। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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