PM मोदी अहमदाबाद में सरदारधाम का लोकार्पण करेंगे, कन्या छात्रालय का भी भूमि पूजन होगा
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गृहराज्य गुजरात में एक बार फिर कुछ परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। 11 सितंबर को नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में सरदारधाम भवन का लोकार्पण और सरदारधाम फेज-II कन्या छात्रालय का भूमि पूजन करेंगे। न्यूज एजेंसी ने पीएमओ के हवाले से बताया कि, उपरोक्त कार्य पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे।

शिक्षा पर्व के उद्घाटन सम्मेलन में दिया था भाषण
मोदी ने पिछले दिनों शिक्षक पर्व के उद्घाटन सम्मेलन के दौरान लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया था। तब भी मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम योजनाओं की शुरूआत की। उन्होंने कई शिक्षकों की भी सराहना की। मोदी ने कहा कि, कोरोना काल जैसे कठिन समय में ऑनलाइन क्लासेस, ऑनलाइन एग्जाम, ग्रुप वीडियो कॉल के माध्यम से पढ़ाई को जारी रखा, इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "मैं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देता हूं।"

दिल्ली से इन परियोजनाओं को कराया लॉन्च
राजधानी दिल्ली में रहकर ही प्रधानमंत्री मोदी ने कई योजनाएं शुरू कराईं। जिनमें विद्याजंली, 2.0, निष्ठा 3.0, टॉकिंग बुक्स और यूएलडी बेस आईएसएल डिक्शनरी जैसे नए कार्यक्रम शामिल हैं, जिनकी उन्होंने शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, तीन वर्ष की उम्र से ही सभी बच्चे अनिवार्यता प्री स्कूल शिक्षा प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि,सभी दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। तेजी से बदलते इस दौर में हमारे शिक्षकों को भी नई व्यवस्थाओं और तकनीकों के बारे में तेजी से सीखना होता है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए हम ऐसी व्यवस्था बनाएंगे।'

क्या है शिक्षा पर्व 2021?
केंद्र सरकार ने इस पर्व की शुरूआत की थी। इस बार शिक्षा पर्व 2021 का विषय 'गुणवत्ता और सतत विद्यालय: भारत में विद्यालयों से ज्ञान प्राप्ति' था। यह सम्मलेन न केवल सभी स्तरों पर शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने, बल्कि देश भर के स्कूलों में गुणवत्ता, समावेशी प्रथाओं और स्थायित्व में सुधार के लिए नवीन तौर-तरीकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। खुद मोदी इस बात को कहते हैं कि, विद्यालयों में शिक्षा पर्व मनना चाहिए। वो कहते हैं कि, शिक्षक और छात्र के बीच का संबंध जीवन भर के लिए होता है। उन्होंने शिक्षक दिवस के मौके पर कहा कि, भारत में शिक्षकों के पास किसी भी वैश्विक मानकों को पूरा करने की क्षमता है, उनके पास भारतीय संस्कृति का समृद्ध संसाधन भी है।"












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