गुजरात में भारी बारिश से कई जगह बाढ़, अबतक 29 की गई जान, पीएम मोदी ने CM को किया फोन
गुजरात में लगातार भारी बारिश की वजह से बाढ़ की चपेट में है। मौसम विभाग की ओर से भी गुजरात के कई हिस्सों में आज रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर गहरा दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
यह उत्तर पूर्वी सागर की ओर बढ़ रहा है। जिससे भारी बारिश की संभावना है। इस बीच प्रशासन की ओर से बचाव अभियान जारी है। पिछले तीन दिनों में भारी बारिश के चलते अलग-अलग घटनाओं में 28 लोगों की जान चली गई है।

आईएमडी ने कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मोरबी, सुरेंद्रनगर, राजकोट, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर और बोटाद सहित 12 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
बुधवार को देवभूमि द्वारका और जामनगर जैसे जिलों में 12 घंटों के भीतर 50 मिमी से 200 मिमी तक बारिश हुई। इस दौरान देवभूमि द्वारका के भनवाद तालुका में सबसे अधिक 185 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
पीएम मोदी ने किया फोन
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की और उन्हें केंद्र सरकार से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सीएम पटेल ने कहा, "प्रधानमंत्री ने नागरिकों के जीवन और पशुधन की सुरक्षा के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही, गुजरात को केंद्र सरकार से सभी आवश्यक सहायता मिलने का आश्वासन दिया।"
सीएम ने संभाला मोर्चा
इसके साथ ही सीएम पटेल ने वडोदरा शहर, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिले जो भारी बारिश से प्रभावित हैं, यहां के हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पानी में फंसे लोगों के लिए राहत कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पानी कम होने तक फंसे लोगों को भोजन के पैकेट, पीने के पानी के पाउच और स्वास्थ्य संबंधी दवाइयां उपलब्ध कराना है।
बचाव अभियान
गुजरात में भारी बारिश के कारण बाढ़ आई बाढ़ में फंसे लोगों को भारतीय तटरक्षक बल को बचाव अभियान चलाना पड़ा है। देवभूमि द्वारका में कल्याणपुर के शमसर गांव से निवासियों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया। यह क्षेत्र जलभराव से बुरी तरह प्रभावित है। वहीं जामनगर के 71 गांव कट गए हैं और बिजली नहीं है।
देवभूमि में रातभर बारिश
देवभूमि द्वारका जिले में रातभर लगातार हुई भारी बारिश ने हालात मुश्किल कर दिए हैं। यहां सुबह 6 बजे तक भन्याद ब्लॉक में 12 घंटे के भीतर पांच इंच बारिश दर्ज की गई। कल्याणपुर, खंभालिया और द्वारका ब्लॉक जैसे अन्य इलाकों में क्रमश: चार, दो और एक इंच बारिश हुई।
कई गांव अलग-थलग पड़े
लगातार हो रही बारिश के कारण गंभीर व्यवधान पैदा हो गया है। बाढ़ के कारण कई इलाके अलग-थलग पड़ गए हैं, जिससे बचाव दल के लिए ज़रूरतमंदों तक पहुँचना मुश्किल हो गया है। बिजली की कमी ने निवासियों के सामने आने वाली चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
वहीं वडोदरा में लगातार बारिश के कारण विश्वामित्री नदी अपने किनारों से ऊपर बह गई है। इसके कारण रिहायशी इलाके बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। इसके कारण इमारतें, सड़कें और वाहन जलमग्न हो गए हैं।
वडोदरा में अकोटा स्टेडियम और उसके आस-पास के इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। बाढ़ के पानी ने इन इलाकों को दुर्गम बना दिया है, जिससे निवासियों की सुरक्षा और जनजीवन को ख़तरा पैदा हो गया है।












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