BJP या AAP, किस दल में शामिल होंगे हार्दिक पटेल, दिया ये जवाब
अहमदाबाद, 25 मई। गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिस तरह से हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया उसके बाद प्रदेश का सियासी पारा बढ़ गया है। हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से अलग होने के साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस से अलग होने के बाद हार्दिक पटेल ने कहा कि आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी चुनाव भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में एकतरफा होगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या हार्दिक पटेल भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। जब हार्दिक से इस बाबत पूछा गया कि क्या आपके पास इसका प्रस्ताव है तो उन्होंने कहा कि प्रस्ताव और समझौता कमजोर लोगों के लिए होता है, मजबूत लोग अपनी जगह खुद बनाते हैं।

भाजपा और आम आदमी पार्टी है विकल्प
जब हार्दिक से इस बाबत सवाल पूछा गया कि क्या वह भाजपा का विकल्प आपके पास है तो उन्होंने कहा क्यों नहीं होना चाहिए? मेरे पास ये विकल्प है। इसके साथ ही हार्दिक ने आम आदमी पार्टी की भी तारीफ की, उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तुलना में आप की राजनीतिक रणनीति बेहतर है। लेकिन उन्होंने कहा कि अभी मैं यह नहीं कह सकता हूं कि मैं आप में शामिल होउंगा, लेकिन यह जरूर कह सकता हूं कि कांग्रेस प्रदेश में कहीं भी नहीं है। हार्दिक ने कहा कि गुजरात का चुनाव दिलचस्प नहीं बल्कि एकतरफा होगा, लेकिन मैं 2017 की तुलना में इस चुनाव में बेहतर भूमिका निभाऊंगा।

क्या पाटीदारों के खिलाफ केस भाजपा में शामिल होने में रोड़ा
बता दें कि हार्दिक पटेल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे, उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष नाया था। लेकिन 18 मई को हार्दिक पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हार्दिक से पूछा गया कि अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं तो क्या पाटीदारों के खिलाफ 200 से अधिक केस इस राह का रोड़ा बनेंगे तो हार्दिक ने कहा कि ये केस एकदम से खत्म नहीं होंगे, कुल 246 लंबित मामले हैं, जिसमे से 23 हार्दिक के खिलाफ हैं, जिसमे वो आरोपी हैं। दो केस राजद्रोह के हैं।

हमने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया
हार्दिक ने कहा कि हमने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जो सत्ता में थे, जो लोग सत्ता में थे उन्होंने हमारे खिलाफ कार्रवाई की। इसी सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण दिया, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना शुरू की। मेरा कहना है कि हमने सरकार से लड़ाई की और सरकार ही लोगों की मांग को पूरा कर सकती है। 2013 और 2017 के चुनाव में लोगों के भीतर जो गुस्सा देखने को मिला, वह 2019 के लोकसभा चुनाव में गायब हो चुका था क्योंकि कांग्रेस एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले हार्दिक ने भाजपा के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया था, पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू किया था।

खुलकर जाहिर की राहुल से नाराजगी
माना जाता है कि हार्दिक पटेल इस बात से भी नाराज थे कि राहुल गांधी जब 10 मई को गुजरात आए तो उन्होंने निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को अधिक महत्व दिया। जब इस बाबत उनसे पूछा गया तो हार्दिक ने कहा कि बिल्कुल नाराज हूं, क्यों नहीं नाराज होना चाहिए। मैं 10 महीने तक जेल में रहा, 6 महीने गुजरात से बाहर रहा, मेरे खिलाफ 32 केस हैं। आपने जातिगत राजनीति शुरू कर दी। आप उस व्यक्ति से मिलने के लिए पहुंच गए जो 9 िन जेल में रहा लेकिन जिसने इतना कुछ झेला आप उससे नहीं मिले।












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