Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

गुजरात के स्कूल में 'जातिवाद का जहर', मिड डे मील दलित ने पकाया, OBC छात्रों ने खाने से इनकार किया

शिक्षा के मंदिर से शर्मनाक वाकया सामने आया है। गुजरात में ओबीसी श्रेणी के बच्चों ने दलित खानसामे द्वारा तैयार मिड-डे मिल खाने से इनकार कर दिया है। gujarat mid day meal dalit cook obc students row

अहमदाबाद, 04 अगस्त : बापू यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की धरती गुजरात से शर्मनाक वाकया सामने आया है। बापू की धरती पर मोरबी जिले के एक स्कूल में सरकारी मध्याह्न भोजन पर विवाद की स्थित पैदा हो गई है। शिक्षा के मंदिर में 'जातिवाद का जहरीला माहौल' देखा जा रहा है। एक स्कूल में दलित रसोइए का पकाया भोजन खाने से इनकार करने का मामला सामने आया है।

gujarat mid day meal dalit cook

जानकारी के मुताबिक ओबीसी बच्चों ने गुजरात में दलितों खानसामों (chef or cook) का पकाया मिड डे मील खाने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया, विगत 16 जून से, कोली, भरवाड़, ठाकोर और गढ़वी जैसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 147 छात्रों ने गुजरात के मोरबी जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील खान से इनकार कर दिया है।

बच्चे खाना क्यों नहीं खा रहे ? इस पर टीओआई की रिपोर्ट में लिखा गया, मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के तहत खाना पकाने वाली रसोइया एक दलित महिला है। कई माता-पिता अपने बच्चों को खाने से रोक रहे हैं, इसलिए स्कूल में आने वाले बच्चे मध्याह्न भोजन स्कीम के तहत परोसा जाने वाला मिड डे मिल नहीं खा रहे हैं। स्कूली बच्चों के माता पिता दलित खानसामे के भोजन पकाने और उसे खाने के खिलाफ हैं।

स्कूल प्रशासन व जिला पुलिस के अनुसार धारा मकवाना को सोखड़ा गांव के श्री सोखड़ा प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाने का ठेका जून में दिया गया था। 16 जून को उसने करीब 153 छात्रों के लिए खाना बनाया। हालांकि, अपने माता-पिता से प्रभावित होकर, ओबीसी समुदायों के 147 छात्रों ने भोजन के लिए रुकने से इनकार कर दिया। ये बात मोरबी तालुका पुलिस निरीक्षक के समक्ष दायर एक शिकायत में कही गई है।

शिकायत के संबंध में टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस निरीक्षक के पास दायर कंप्लेन में कहा गया, मोरबी के स्कूल की घटना राष्ट्रीय शर्म का विषय है। दलित रसोइया को काम जारी रखना चाहिए। जो लोग भोजन नहीं करते हैं, उन्हें जिला के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्पर होकर समझाना चाहिए। अधिकारियों को बताना चाहिए कि पद के पिछड़ेपन और अस्थिरता को देखें। यदि इस उपाय से काम नहीं बनता है तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत अस्पृश्यता या किसी को अछूत मानना गैरकानूनी है। किसी भी रूप में अछूत का एहसास कराना वर्जित है। ऐसा करने वालों को परिणाम भुगतने होंगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले का समाधान होने तक भेदभाव कर रहे लोगों का मध्याह्न भोजन का अधिकार रद्द होना चाहिए।

मोरबी में दलित रसोइए से भेदभाव के संबंध में टीओआई की रिपोर्ट में कहा गया, मिड डे मील पकाने वाली धारा के पति गोपी मकवाना ने बताया, छात्र अपना खाना लेने के लिए कतार में नहीं बैठे थे, मैंने कुछ माता-पिता से पूछताछ की। उन्होंने मुझसे कहा कि वे अपने बच्चों को एक दलित महिला का बना खाना नहीं खाने दे सकते। गोपी ने कहा कि बहुत सारा खाना बर्बाद हो गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से बात की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

गोपी ने कहा, उन्होंने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। एक डीएसपी को जांच करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों ने मुझे बताया कि यह स्कूल और जिला प्रशासन से संबंधित मामला है। ऐसे में वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते। रसोइया धारा ने कहा कि जातिवादी पूर्वाग्रह के कारण उन्हें प्रताड़ित किया गया है और पुलिस को हस्तक्षेप करना चाहिए।

मोरबी के जिस स्कूल में भेदभाव की शर्मनाक घटना हुई है, वहां की प्रिंसिपल बिंदिया रत्नोतर ने भी इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्कूल मॉनिटरिंग कमेटी के साथ दो बैठकें की हैं। इसमें माता-पिता भी शामिल हुए, लेकिन अभिभावक जिद पर अड़े हैं। प्रिंसिपल का कहना है कि ओबीसी बच्चों रे अभिभावक अपनी जातिवादी सोच को छोड़ना नहीं चाहते। हम बच्चों को जातिवादी रवैया न रखना सिखा सकते हैं। ये बता सकते हैं कि सभी इंसान समान हैं और कोई भी अछूत नहीं है, लेकिन दुख की बात है कि हम उनके माता-पिता को मना सके। इस मामले में जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी भरत विरजा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन वे पूरे मामले की जांच करेंगे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+