कोरोना से गई गुजरात हाईकोर्ट के जज की जान, 15 दिन पहले ही 2 अन्य जजों के साथ संक्रमित मिले थे
अहमदाबाद। 15 दिन पहले ही गुजरात हाईकोर्ट के तीन जज कोरोना वायरस की चपेट में आए थे। उनमें से जस्टिस जीआर उधवाणी की इसी बीमारी के चलते मौत हो गई है। डॉक्टरों ने बताया कि, तीन-चार दिन पहले उघवाणी का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया था। बीच-बीच में उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उनका काफी ख्याल रखा जा रहा था, बावजूद इसके कोरोना ने उन्हें जीने नहीं दिया। 20 नवंबर को उनके अलावा जिन दो जजों की रिपोर्ट कोरेना पॉजिटिव आई थी, वे जस्टिस एसी राव और जस्टिस आरएम सरीन अब ठीक हो चुके हैं।

जस्टिस जीआर उधवाणी 51 वर्ष के थे। उघवाणी ने सिटी सिविल जज के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्हें हाईकोर्ट में प्रमोशन मिला था। कोरोना महामारी शुरू होने के समय भी गुजरात हाईकोर्ट जाते थे। फिर नवंबर के महीने में करीब 15 दिन पहले वो उस वायरस से संक्रमित निकले। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बताया जा रहा है कि, कल रात को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और आज सुबह शनिवार के दिन उनका वहीं निधन हो गया।
हाईकोर्ट परिसर पहुंचने वाले यूं तो अब तक काफी कर्मचारी और जज कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन ज्यादतर स्वस्थ भी हो गए। इससे पहले बीते जुलाई महीने में भी हाईकोर्ट के 8 कर्मचारियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई थी। उसके बाद जब गुजरात हाईकोर्ट के तीन जजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई, तो उघवाणी उनमें से एक थे।












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