गुजरात: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विपक्ष नेता ने दिया इस्तीफा, नए प्रदेश प्रमुख बन सकते हैं हार्दिक पटेल
gujarat congress president news, गांधीनगर। देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी कांग्रेस का गुजरात में बड़ा बदलाव हुआ है। यहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावडा और विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गई है। नया अध्यक्ष कौन होगा, इसका ऐलान पार्टी ने अभी नहीं किया। हालांकि, कार्यकारी प्रमुख हार्दिक पटेल, पूर्व प्रदेश प्रमुख अर्जुन मोढवाडिया और जगदीश ठाकोर का नाम चर्चा में है। इनमें भी हार्दिक पटेल की चर्चा ज्यादा हो रही है।

इसी साल कांग्रेस के 8 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद पिछले महीने विधानसभा के उपचुनाव हुए। जिनमें भी 8 सीटों पर कांग्रेस को हार मिली। इस हार की जिम्मेदारी कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष और विपक्ष के नेता ने ली और इस्तीफा दे दिया। मालूम हो कि, उपचुनाव में सभी 8 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस में अब नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गई है।

कांग्रेस को अपना अध्यक्ष जल्द ही बनाना होगा। क्योंकि, गुजरात में अगले महीने 6 महानगर पालिका, 150 के करीब नगर पालिका और जिला पंचायतों के चुनाव हो सकते हैं। इस राज्य में 33 जिला पंचायत हैं। यानी कि, जितने जिले हैं उतनी ही जिला पंचायतें हैं।
हार्दिक को ऐसे बनाया गया था कार्यकारी अध्यक्ष
इसी साल जुलाई के महीने में कांग्रेस ने गुजरात में हार्दिक पटेल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें तल्काल प्रभाव से कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया। हार्दिक को कांग्रेस की मुख्य अध्यक्षा सोनिया गांधी ने गुजरात की कमान सौंपी। इस सिलसिले में कांग्रेस के संगठन माहसचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया था, जिसमें हार्दिक पटेल को गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के आॅर्डर थे।
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल गुजरात के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं और कुछ साल पहले हुए वे पाटीदार आंदोलन का चेहरा बनकर उभरे थे। इसके बाद ही वह राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वह भारतीय जनता पार्टी को खूब निशाने पर लेते हैं।राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के एक के बाद एक विधायकों के इस्तीफे पर हार्दिक पटेल ने बीजेपी को आड़े हाथ लिया था। उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा का कि, जनता ऐसा होने से रोके। पटेल ने कहा था कि, भाजपाई नेता साम, दाम, दंड व भेद की नीति से कांग्रेसी विधायकों को अपनी तरफ खींच रहे हैं। कई को हैसियत से भी ज्यादा रुपये मिलने पर वह बिक जाते हैं। ऐसे लोग न सिर्फ पार्टी बल्कि जनता के साथ गद्दारी कर रहे हैं।''
अहमदाबाद से 80 किमी दूर हुआ था हार्दिक का जन्म
हार्दिक पटेल अहमदाबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर वीरमगाम तहसील के चंद्रनगर गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 20 जुलाई 1993 को हुआ था। उन्होंने कॉमर्स (वाणिज्य विषय) से ग्रेजुएशन किया था। वह पढ़ाई में कमजोर साबित हुए। मगर, अपने समाज के गुटों में अच्छी-खासी पैठ बनाने लगे। सबसे पहले वह 31 अक्टूबर 2012 को पटेल समुदाय के युवा वर्ग के एक ग्रुप का हिस्सा बने थे। एक महीने के भीतर ही वह विरंगम यूनिट के प्रेसिडेंट बन गए। उसके बाद तो उनके समर्थक बढ़ते ही चले गए। वर्ष 2015 में, 6 जुलाई को हार्दिक पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया की सुर्खियों में आए। उन्होंने गुजरात के महेसाणा में एक छोटी-सी रैली करके एक बड़ा आंदोलन बना दिया। कहा जाता है कि अपने पड़ोसी लड़के को कम नंबर के बावजूद सरकारी नौकरी मिलने के बाद हार्दिक ने आरक्षण पाने के लिए आंदोलन की शुरुआत की। धीरे धीरे उन्हें पटेल समुदाय के रिटायर्ड अफसरों का साथ मिलने लगा।












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