Gujarat Election: गुजरात के मैदान में 7 उम्मीदवार ऐसे जो 5 या उससे अधिक बार रह चुके विधायक
Gujarat Election: गुजरात में भारतीय जनता पार्टी पिछले 27 साल से सत्ता में है। इस बार एक बार फिर से भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। भाजपा को इस बार कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी से भी चुनौती मिल रही है। इस बार के चुनाव में 7 उम्मीदवार ऐसे हैं जो पांच या उससे अधिक बार से विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 5 ऐसे मौजूदा विधायकों में फिर से भरोसा जताया है जोकि पांच बार या उससे अधिक बार से प्रदेश के विधायक हैं। 7 में से पांच ऐसे विधायकों को भाजपा ने टिकट दिया है जबकि एक विधायक ने निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

पांच विधायकों को भाजपा ने दिया टिकट
जिन पांच विधायकों को भाजपा ने टिकट दिया है उनके नाम योगेश पटेल, पबूभा मानिक, केशू नकरानी, पुरुषोत्तम सोलंकी और पंकज देसाई हैं। इनके अलावा भारतीय ट्राइबल पार्टी के संस्थापक छोटू वसावा और मधू श्रीवास्तव जिन्हें भाजपा ने टिकट देने से इनकार कर दिया वो भी मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन तमाम विधायकों ने लंबे समय तक लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता को बरकरार रखने में सफलता हासिल की है, यही वजह है कि एक बार फिर से इन उम्मीदवारों के चुनाव जीतने की उम्मीद है।
योगेश पटेल-पबूभा मानिक और छोटू वसावा 8वीं बार मैदान में
गुजरात में 182 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरण में होगा। पहला चरण 1 दिसंबर और दूसरा चरण 5 दिसंबर को होगा। जबकि मतों की गणना 8 दिसंबर को होगी। योगेश पटेल, पबूभा मानिक और वसावा ने सात बार गुजरात विधानसभा का चुनाव जीता है। ये तीनों ही विधायक 8वीं बार चुनावी मैदान में हैं। देसाई और सोलंकी की बात करें तो इन लोगों ने पांच बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है और छठी बार वह चुनावी मैदान में हैं।
जमीनी नेता के तौर पर पहचान
इन नेताओं की खासियत यह है कि इनका जमीनी स्तर पर लोगों के साथ संपर्क अच्छा है, इन्हें पार्टी कार्यकर्ता पसंद करते हैं और कई दशक से ये इन लोगों के बीच में हैं। यही वजह है कि एक के बाद एक ये नेता चुनाव में जीत दर्ज करते आ रहे हैं। योगेश पटेल जोकि 76 वर्ष के हैं उन्होंने 1990 में पहली बार चुनाव में जीत दर्ज की थी, उस वक्त उन्होंने जनता दल के टिकट से रौपुरा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि भाजपा यह कह चुकी है कि जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक है उन्हें गुजरात में टिकट नहीं देगी, लेकिन पटेल के लिए यह शर्त दरकिनार की गई है।
योगेश पटेल 7 बार के विधायक
योगेश पटेल विजय रूपाणी सरकार में मंत्री पद पर भी रह चुके हैं। वहीं पबूभा मानिक की बात करें तो वह भाजपा से 7 बार विधायक रह चुके हैं और इस बार द्वारका से उन्हें भाजपा ने टिकट दिया है। गुजरात हाई कोर्ट ने उन्हें अयोग्य करार दे दिया था, जिसकी वजह से 2019 में उपचुनाव हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें किसी तरह की राहत नहीं दी थी, लेकिन कोर्ट ने कहा था कि द्वारका सीट को खाली नहीं छोड़ना चाहिए।
छोटू वसावा 1990 से जीत रहे
एक और दिग्गज नेता की बात करें तो छोटू वसावा जिन्होंने पहली बार 1990 में जनता दल के टिकट पर भरूच सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने अगला चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता था। 1998 में उन्हें जनता दल ने टिकट दिया और फिर जीत दर्ज की। 2017 में उन्हें बीटीपी ने टिकट दिया और वह जीत गए। भाजपा के पंकज देसाई पांच बार 1998 से चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह 2010 में यपार्टी के चीफ व्हिप भी रह चुके हैं। उन्हें एक बार फिर से पार्टी ने टिकट दिया है।












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