Godhra Case: पैरोल से फरार अपराधी पुणे में गिरफ्तार, 4 महीने से था लापता
Godhra Case: 2002 के गोधरा ट्रेन कांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 55 वर्षीय अपराधी सलीम ज़र्दा, जो पिछले साल सितंबर में पैरोल पर जाने के बाद फरार हो गया था, आखिरकार पुणे में चोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि ज़र्दा इससे पहले भी 8 बार पैरोल से भाग चुका था।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने 22 जनवरी को चोरी के एक मामले में ज़र्दा और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने उसकी पृष्ठभूमि की जांच की, तो पता चला कि वह 2002 के गोधरा ट्रेन कांड में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे नासिक पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां चोरी के एक अन्य मामले में उसे हिरासत में लिया गया है।

कौन है सलीम ज़र्दा और उसे क्या सजा मिली थी?
सलीम ज़र्दा उन 31 दोषियों में से एक था, जिन्हें 2002 के गोधरा ट्रेन कांड में सजा सुनाई गई थी। शुरुआत में 11 लोगों को मौत की सजा दी गई थी, लेकिन गुजरात हाईकोर्ट ने बाद में इसे आजीवन कारावास में बदल दिया। ज़र्दा इन्हीं 11 दोषियों में शामिल था।
कैसे फरार हुआ था ज़र्दा?
गुजरात की जेल में बंद ज़र्दा को 17 सितंबर 2024 को सात दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन वह समय पूरा होने के बाद वापस जेल नहीं लौटा। यह पहली बार नहीं था, इससे पहले भी वह 8 बार पैरोल से भाग चुका था।
गिरफ्तारी से पहले क्या कर रहा था ज़र्दा?
गिरफ्तारी से पहले ज़र्दा अपने गिरोह के साथ पुणे और आसपास के जिलों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। 7 जनवरी को पुणे में उसने एक ट्रक से 2.49 लाख रुपये मूल्य के 40 टायर चुराए थे। इसके अलावा, मंचर इलाके और नासिक के सिन्नर में भी वह चोरी की घटनाओं में शामिल था। पुलिस ने चोरी किया गया सामान और 14.4 लाख रुपये कीमत का एक टेम्पो ट्रक भी बरामद किया है।
क्या होगा आगे?
फिलहाल ज़र्दा को नासिक पुलिस को सौंप दिया गया है, लेकिन पुणे पुलिस ने संकेत दिया है कि वे उसके खिलाफ मंचर पुलिस स्टेशन में दर्ज चोरी के मामले में दोबारा उसकी हिरासत की मांग करेंगे। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि पैरोल पर रहते हुए उसने और किन वारदातों को अंजाम दिया।












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