इंजीनियरों का कमाल: पहली बार गुजरात के इस गांव में पहुंचा शुद्ध पानी, नई तकनीक से 24 घंटे मिलेगा
गांव बसने के बरसों बाद दूर हुई दिक्कत: इंजीनियरों की नई तकनीक से पहली बार 24 घंटे शुद्ध पानी की सुविधा, अब गुजरात में 100% 'नल से जल' की घोषणा करेगी सरकार
नर्मदा। गुजरात में गांव-देहात तक 24 घंटे शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना सफल होती दिख रही है। यहां पहली बार नर्मदा जिले के सादा गाँव तक पानी पहुंचा है। यह संभव हुआ है, कुछ इंजीनियरों की कारगरी के कारण। जिन्होंने विभिन्न भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद सादा गाँव में 24 घंटे पानी की व्यवस्था उपलब्ध करा दी है। दरअसल, नर्मदा जिले में डेडियापाड़ा तहसील के सादा गाँव की भौगोलिक बनावट इस तरह थी कि वहाँ न तो सड़कें बन पाईं न बिजली की व्यवस्था हुई। यह गांव करजण नदी के किनारे बसा है।

भौगोलिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है सादा गाँव
इस गाँव में आवागमन नाव के माध्यम से ही किया जाता है। खारे पानी के इलाके में यह ऐसा गांव है, जहां रहने वाले लोगों घर भी एक दूसरे से दूर-दूर हैं। इस गाँव में लगभग 45 परिवार रहते हैं। कई मुश्किलें थी, जिनके चलते यहां 24 घंटे नल से जल पहुँचाने का काम सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण था। साथ ही, दूरदराज वाला क्षेत्र होने के कारण यहाँ राज्य सरकार की रीजनल वॉटर स्पलाई स्कीम का कार्यान्वयन भी संभव नहीं था। बड़ी मुश्किल यह है कि, यहां पानी की टर्बिडिटी 30 से अधिक होने के कारण यहाँ के लोग करजण नदी के पानी को दैनिक रूप से सीधे तौर पर उपयोग में नहीं ले सकते।

आखिरकार इंजीनियरों ने कराई पानी की व्यवस्था
नदी के पानी का इस्तेमाल करने के लिए स्थानीय लोगों को पहले नदी से कुछ दूर छोटा सा गड्ढा खोदना पड़ता था, जिससे नदी का पानी प्राकृतिक रूप से रिस कर गड्ढे में आता था, तब लोग रिसे हुए पानी को उपयोग में लाते थे। इन चुनौतियों के समाधान तब हुआ, जब वास्मो (WASMO) ने फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म सेटअप लगाया। जिसके फलस्वरूप अब इस गाँव में 24 घंटे पीने के पानी की व्यवस्था हो गई है। फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म तकनीक के कारण सरकार को भी इस दाग से छुटकारा मिल गया है कि वो इस गांव में पानी नहीं मुहैया करा पा रही थी।

गुजरात को 100% 'नल से जल' घोषित करेगी सरकार
अब राज्य सरकार इसी सितम्बर महीने में पूरे गुजरात को 100% 'नल से जल' घोषित करने जा रही है। सरकार के दावेनुसार, अब तक 97% गुजरात 'नल से जल' घोषित किया जा चुका है। पिछले कुछ महीनों में गुजरात का जल आपूर्ति विभाग 'नल से जल' अभियान के तहत राज्य में कई बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने को लेकर चर्चा में रहा है। इस का सबसे बड़ा 'चमत्कार' नर्मदा जिले के सादा गाँव में देखने को मिला है, जहाँ विभिन्न भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद 24 घंटे पानी की व्यवस्था उपलब्ध करा दी गई है।

क्या है WASMO की फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म तकनीक
नर्मदा जिले के सादा गाँव में करजण नदी के ऊपर, सोलर पॉवर आधारित फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म को स्थापित किया गया है जो, इस नदी के ऊपर तैरता रहता है। इस फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म में सिंगल फेज़ आधारित 2 छोटे सब्मरसिबल पंप लगे हैं, जो पानी के नीचे मौजूद रहते हैं और दोनों आपस में इन्टरकनेक्टेड हैं। 3 एचपी के क्षमता वाले इन दोनों पंपों में पानी को 110 मीटर की उंचाई तक ऊपर उठाने की क्षमता है। पंपों के संचालन के लिए सबसे ऊंचे स्थान पर 3 केवी क्षमता वाले एक-एक सोलर पैनल हैं। जिनसे इलेक्ट्रिसिटी को स्टोरेज करने की भी योजना है।

5 नल ऐसे जो इमरजेंसी में पानी मुहैया कराएंगे
लोगों को पानी मुहैया कराने के लिए खास व्यवस्था है। इसके अलावा क्लियर वॉटर टैंकों के निचले हिस्से में 5 नल भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी घर के नल में किसी कारण वश पानी न आ रहा हो तो वह परिवार इस टैंक के निचले हिस्से में मौजूद नल से पानी ले सकता है। WASMO के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि, इस प्रोजेक्ट को मात्र 15 दिन में पूरा किया गया है। 16 लाख 67 हजार रुपए की लागत से निर्मित यह प्रोजेक्ट सादा गाँव के लोगों के लिए 9 सितम्बर 2022 यानी कि आज से सेवाएं देगा। लोगों के लिए अब 24 घंटे शुद्ध जल उपलब्ध रहेगा।












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