गुजरात में दूधसागर घोटाला: कोर्ट के समक्ष पेश की गई 22000 पन्नों की चार्जशीट, 2000 से ज्यादा गवाह
मेहसाणा। गुजरात में मेहसाणा की दूधसागर डेयरी से जुड़ा घोटाला तूल पकड़ रहा है। इस मामले की अदालत में सुनवाई होगी। सीआईडी क्राइम ने इस मामले में 22 हजार पन्नों की चार्जशीट स्पेशल कोर्ट के समक्ष पेश की है। चार्जशीट में 2200 गवाहों के नाम हैं, जिनमें से 23 के बयान लिए जा चुके हैं। अब कोर्ट में इसकी डे टू डे सुनवाई की जाएगी।

सीआईडी क्राइम के आॅफिशियल्स के मुताबिक, यह मामला डेयरी में करोड़ों रुपए का प्रोत्साहन बोनस देकर उसकी 80% रकम वापस प्राप्त करते हुए ज्वैलरी में इन्वेस्ट करने तथा महाराष्ट्र में नि:शुल्क सागरदाण भेजकर मंडली को 22 करोड़ रुपए की चपत लगाने का है। इस मामले में विपुल चौधरी का नाम ज्यादा चर्चित रहा है। विपुल को सीआईडी ने मामले में 6 साल बाद गिरफ्तार किया। अब इस मामले में विपुल चौधरी के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है।
- इस मामले की खास बात यह है कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, केस की डे टू डे सुनवाई की जाएगी।

दूधसागर डेयरी गुजरात के मेहसाणा जिले में है। घोटाला उससे ही जुड़ा है। जिसमें विपुल चौधरी मुख्य आरोपी है।
गुजरात: कौन हैं विपुल चौधरी?
विपुल चौधरी गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हैं। उन पर डेयरी घोटाले का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। विपुल चौधरी 2014 में दूधसागर डेयरी के मुखिया रह चुके हैं, और वह फिर से डेयरी का चेयरमैन बनने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, घोटाला उजागर होने के बाद जीसीएमएमएफ (GCMMF) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व गृह राज्य मंत्री विपुल चौधरी की मुश्किलें बढ़ती चली गईं।












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