कोरोनावायरस: ईरान में फंसे 200 से ज्यादा गुजराती, भारत सरकार ने उड़ान रद्द कीं तो मुश्किल बढ़ी
वापी. चीन से शुरू होकर कई देशों में फैल चुका कोरोनावायरस अब ईरान में तांडव मचा रहा है। यहां संक्रमण के 388 पुष्ट मामलों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसके चलते ईरान में रहने वाले और वहां के सामुद्रिक क्षेत्र में मछली पकड़ने वाले विदेशी भी संकट में फंस गए हैं। इन विदेशियों में ज्यादातर भारतीय लोग हैं। भारत से अकेले गुजरात प्रांत के 200 से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो स्वदेश वापसी चाहते हैं। गुजरात के दक्षिणी जिले वलसाड जिले समेत अन्य जगहों के सैकड़ों मछुआरे ईरान में फंसे हुए हैं। उन्होंने वहां से वीडियो के जरिए भारत सरकार से मदद मांगी है।

भारत ईरान के बीच उड़ानों पर रोक, संकट में लोग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि, सरकार कैसे भी उन्हें वहां से निकाले। वे सब परेशान हैं और वायरस की चपेट में भी आ सकते हैं। बता दें कि, कोरोना वायरस को फैलने की रोकथाम के लिए भारत सरकार ने विमान की उड़ान सेवा रोक दी है। ईरान और भारत के बीच अब फ्लाइट्स नहीं हैं। ऐसे में जो लोग अभी ईरान में हैं, वे कैसे भी करके भारत पहुंचने की मांग कर रहे हैं। वहां, ईरानी सरकार ने कई पाबंदियां लगा दी हैं।

भारत सरकार से जरूरी मदद की गुहार लगाई
एक मछुआरे ने बतााया कि, कई साल से ईरान में मछुआरी के लिए जाने वाले वलसाड जिले की उमरगाम तहसील के मछुआरों समेत दौ सौ से ज्यादा भारतीय वहां फंसे हैं। इसके कारण उनके परिजन भी यहां चिंतित हैं। मरोली निवासी गणेश टंडेल के परिजनों ने उससे बातचीत के आधार पर बताया कि मछली पकडऩे समेत अन्य काम के लिए वहां गए गुजरात के दौ सौ से ज्यादा तथा अन्य राज्यों के तीन सौ से ज्यादा लोग फंसे हैं। सभी लोग जल्द से जल्द देश लौटना चाहते हैं। इसके लिए भारत सरकार से जरूरी मदद की गुहार लगाई है।

उमरगाम तालुका युवा संगठन सक्रिय हुआ
ईरान में उमरगाम समेत अन्य जगहों के सैकड़ों लोगों के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद उनकी स्वदेश वापसी के लिए उमरगाम तालुका युवा संगठन भी सक्रिय हुआ है। इस संबंध में शुक्रवार को कलक्टर को ज्ञापन दिया गया। इसमें कहा गया कि ईरान के अलग-अलग प्रांतों में यहां के युवक फंसे हैं। जिसमें कलगाम बारीयावाड़ निवासी सुरेन्द्र बारिया ने सोशल मीडिया में वीडियो के माध्यम से इसकी जानकारी दी। साथ ही सभी भारतीयों के स्वदेश वापसी के लिए हरसंभव प्रयास का अनुरोध किया।












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