बीमार मां की मौत के तीसरे दिन ही ड्यूटी पर लौटे यह IAS, कहा था- मेरे बेटा फर्ज निभाना
सूरत। यहां वराछा जोन-A के जोनल चीफ दिनेश चंद्र मणिलाल जरीवाला की मां पिछले दिनों गुजर गईं। उनकी अंत्येष्टि करने के बाद दिनेश चंद्र मणिलाल तीसरे दिन से अपनी ड्यूटी पर लौट आए। कहा कि, इस मुश्किल घड़ी में मुझे मनपा द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन करना है। मरने से पहले मां ने कहा था- बेटा फर्ज निभाना, वही सच्ची श्रद्धांजलि होगी'
संवाददाता ने बताया कि, सूरत में कोरोना वायरस का प्रकोप बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में दिनेश चंद्र मणिलाल जरीवाला पर अपने इलाके में महामारी से निपटने का भार है। मगर, इसी माह उनकी मां बीमार हो गई। मां को 8 जुलाई को वायरल-निमोनिया हो गया। उनका ऑक्सीजन निम्न स्तर पर पहुंच गया। जिसके चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 16 जुलाई को उनकी मृत्यु हो गई।
मां की मृत्यु के बाद बेटे ने उनका क्रिया-कर्म करवाया। उसके बाद फिर लगातार अपना काम संभाला। इस बारे में बात करने पर दिनेश चंद्र मणिलाल बोले कि, ''आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी मां की वजह से हूं। मेरे माता-पिता ने भूखे रहकर जरी के कारखाने में काम करके मुझे एक अधिकारी बनाया है। मेरी मां ने ही अपने आखिरी वक्त में ये कहा था कि, ''मेरी मौत का मातम मनाने के बजाय अपना फर्ज निभाना।''

मां ने यह भी कहा था कि, ''महामारी से निपटने की इस लड़ाई में तन-मन धन से योगदान देना। यही मुझे सच्ची श्रद्धांजलि होगी।''
''सो मैं अपनी मां के आदेशानुसार पूरे तल्लीनता से अपना फर्ज निभा रहा हूं।'' बता दें कि, जरीवाला पहले बेगमपुरा में रहते थे। वर्तमान में न्यू सिटीलाइट की रविराज सोसाइटी में रहते हैं। कोरोना की स्थिति के कारण उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। वह अपने जोन में सफाई कार्य, डोर-टू-डोर सर्विलांस, धन्वंतरि रथ का संचालन, जिन क्षेत्रों में कोरोना मामलों की संख्या अधिक एवं वहां के सहकर्मियों के साथ माइक्रोप्लानिंग करने का काम कर रहे हैं।












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