गुजरात हॉस्पिटल अग्निकांड में खुलासा: वेंटिलेटर पर थे कोरोना मरीज, कार्बन मोनोक्साइड से टूटा दम- VIDEO

अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद स्थित कोविड हॉस्पिटल के अग्निकांड को लेकर खुलासा हुआ है। संवाददाता के अनुसार, हादसे के वक्त 49 मरीज हॉस्पिटल में भर्ती थे। जिनमें से 8 लोगों की जान चली गई। उनकी मौत कार्बन मोनोक्साइड गैस से हुई थी। उन मरीजों को यहां कोविड वार्ड में आॅक्सीजन दिया जा रहा था, यानी वेंटिलेटर पर रखा गया था।

अग्निकांड को लेकर हुआ खुलासा

अग्निकांड को लेकर हुआ खुलासा

हॉस्पिटल में आग लगने की यह घटना नवरंगपुरा स्थित श्रेय कोविड अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार देर रात घटी। जहां जान गंवाने वाले सभी 8 मरीजों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। पुलिस के मुताबिक, सभी के शरीर 50 प्रतिशत से ज्यादा जल गए थे। पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार सभी ऑक्सीजन पर थे, तभी उनकी सांस में कार्बन मोनोक्साइड चले जाने के कारण उनका दम टूट गया। बहरहाल फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही लाशों को अथॉरिटी को सौंपा जाएगा।

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    मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए

    मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए

    संवाददाता ने मौके से वीडियो भेजकर बताया कि, अग्निकांड के बाद अस्पताल के सामने लोगों की भीड़ जमा हो गई। 8-8 जानें चली जाने पर उनके सगे-संबंधियों में काफी गुस्सा दिखाई दे रहा था। सीएम रुपाणी द्वारा मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    बेडशीट से बंधे होने पर नहीं भाग सके

    बेडशीट से बंधे होने पर नहीं भाग सके

    शहर के सरकारी अस्पताल में सुबह 11 बजे बीजे मेडिकल के 22 डॉक्टर्स की टीम ने पीपीई कीट पहनकर आठों मृतकों का पोस्टमॉर्टम किया। जिसमें सभी मरीज कोरोना पॉजिटिव होने के कारण डॉक्टर्स को कोरोना गाइडलाइन के पालन की सख्त हिदायत दी गई थी। पता चला है कि, आग के वक्त बेडशीट से बंधा होने के कारण मरीज नहीं उठ पाए थे, वरना बच सकते थे।

    हादसे के वक्त अंदर 49 मरीज भर्ती थे

    हादसे के वक्त अंदर 49 मरीज भर्ती थे

    श्रेय कोविड अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए 50 बेड बताए गए हैं। हादसे के वक्त वहां 49 मरीज भर्ती थे। जिसमें 5 पुरुष और 3 महिलाओं समेत 8 मरीजों की जान चली गई। इस संबंध में अस्पताल के एक वार्डबॉय ने कहा कि, आईसीयू में आग लगी, तब अरविंदभाई भावसार नामक कोरोना मरीज को बेड से बांधकर रखा था। जिसके चलते वह उठ नहीं पाया और उसी स्थिति में झुलस गया।

    आग लगी और धुआं फैला, चली गई जान

    आग लगी और धुआं फैला, चली गई जान

    वोर्डबॉय के अनुसार, अरविंदभाई बार-बार अपना ऑक्सीजन मास्क निकाल रहे थे। उनसे बार-बार रिक्वेस्ट की जा रही थी कि अपना मास्क न निकालें, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। इसी के चलते उन्हें बेडशीट से बांध दिया गया था। लेकिन हादसे के दौरान जब आग फैल गई तो उसे छुड़ाने पर किसी का ध्यान नहीं गया और वह बेड से उठ नहीं पाने के कारण वहीं जलकर मर गए।

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