जज्बा! 20 साल की उम्र में छूटी पढ़ाई, अब 67 साल की उम्र में हासिल की PhD डिग्री

वडोदरा, जून 24: कहते हैं कि पढ़ाई की ना उम्र होती है और ना कोई सीमा। इसी को सच करके दिखाया है गुजरात की एक 67 साल की एक बुजर्ग महिला ने। उन्होंने अपने ड्रीम को पूरा किया और डॉक्टरेट (PhD) की डिग्री हासिल करने में कामयाब रहीं। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली 67 वर्षीय उषा लोदिया ने कहा कि मैं अपने बच्चों से कहती हूं कि कभी उम्मीद न खोएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए उनकी बहू ने बहुत मदद की थी।

शादी के बाद छूट गई थी पढ़ाई

शादी के बाद छूट गई थी पढ़ाई

67 साल की ऊषा लोदया उन लोगों के लिए एक जीता जागता उदाहरण है, जो अपने सपने पूरा करने के लिए उम्र के एक पड़ाव को दोष देते हैं। साथ ही उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है कि जब वो इस उम्र में पढ़ाई करने के नहीं कतराईं तो फिर बाकी क्यों पढ़ाई करने से डर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 20 साल की छोटी उम्र में कॉलेज की पढ़ाई छूट गई थी, और फिर शादी के बाद यह मुमकिन नहीं हो पाया, लेकिन उम्र की एक दहलीज पार करने के बाद भी उन्होंने अपने सपने को पूरा करने का दम भरा और उसे पूरा करने के बाद ही राहत की सांस ली।

60 साल की उम्र में फिर पढ़ाई की शुरू

60 साल की उम्र में फिर पढ़ाई की शुरू

बकौल उषा लोदया मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखूं, लेकिन मैं जारी नहीं रख सकी और अपने परिवार पर ध्यान दिया, लेकिन फिर उन्होंने अपनी 60 साल की उम्र में फिर से पढ़ाई शुरू करने की ठानी। उन्होंने कहा कि अब मैं संतुष्ट हूं। इसके साथ ही उन्होंने अपने गुरुजी को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने 3 साल के ग्रेजुएशन कोर्स में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। इसके साथ ही उन्होंने इस डिग्री को पाने के लिए अपनी बहू की मदद का भी जिक्र किया।

जैन धर्म में की डॉक्टरेट की पढ़ाई

जैन धर्म में की डॉक्टरेट की पढ़ाई

अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने के बाद उषा लोदिया ने जैन धर्म में डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की है। किरकिरा वडोदरा निवासी उषा ने महाराष्ट्र के शत्रुंजय अकादमी में जैन धर्म के कोर्स में दाखिला लिया, जो समुदाय के सदस्यों के बीच जैन धर्म के ज्ञान का प्रसार करने के लिए स्थापित एक संस्था है। रविवार को डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने के लिए जैन परंपरा में 12 चिंतनों पर अपनी मौखिक परीक्षा पास की। लोदया ने जैन धर्म में तीन साल का डिग्री कोर्स पूरा किया, उसके बाद दो साल का मास्टर्स और तीन साल का डॉक्टरेट कोर्स किया।

गुरु से प्रेरित होकर फिर पकड़ी कलम

गुरु से प्रेरित होकर फिर पकड़ी कलम

वहीं इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं जैन समुदाय से संबंधित हूं, इसलिए मेरी योजना आगे भी धर्म की खोज जारी रखने और समुदाय के छात्रों को पढ़ाने की है, जो उनके पास नियमित रूप से आते हैं। इसके अलााव उन्होंने बताया कि जैन धर्म के विद्वान और उनके गुरु जयदर्शिता श्रीजी महाराज से प्रेरणा लेकर उन्होंने आज अपनी पुरानी इच्छा को फिर से पूरा किया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+