गुजरात में 181 अभयम हेल्पलाइन ने दी बड़ी ताकत, महिला सुरक्षा के लिए उम्मीद की नई किरण
गुजरात में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से 181 अभयम हेल्पलाइन योजना चलाई जा रही है। महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा को रोकने में सरकार की यह हेल्पलाइन योजना काफी मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह 181 हेल्पलाइन नंबर काफी कल्याणकारी बनकर उभरा है। जिन भी महिलाओं को किसी विशेष परिस्थितियों में इसकी वजह से सहायता मिली है, वो इससे बहुत ही ज्यादा प्रभावित हुई हैं, क्योंकि यह उनके संकट का साथी है।

घरेलू हिंसा रोकने में सफल रहा है यह हेल्पलाइन नंबर
181 अभयम हेल्पलाइन से जुड़ी अलका जोशी ने बताया कि इस हेल्पलाइन पर औसतन एक दिन में करीब 15 कॉल आती हैं। इसमें हर मामले में समस्या अलग-अलग होती हैं। लेकिन, ऐसे मामलों में हम महिला की सामाजिक और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और उसके परिवार को कानूनी बातों के बारे में समझाते हैं। हालांकि, कई मामलों में महिलाओं के साथ बदसलूकी करने के भी फोन आते हैं, जिसमें आरोपी के खिलाफ उचित पुलिस केस भी दर्ज करावाए जाते हैं। इस प्रकार, 181 अभयम हेल्पलाइन महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ित को सहायता उपलब्ध करवाने में काफी सफल रही है।
महिला सशक्तिकरण पर राज्य सरकार का खास जोर
यह देखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रदेश का समग्र विकास हो, जो कि न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि सामाजिक रूप से भी हो। वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भूपेंद्र पटेल सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। बजट में राज्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा इस योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का प्रावधान भी किया गया है।
बनासकांठा की भारतीबेन ने अभयम हेल्पलाइन के बारे में कहा,
अभयम 181 हेल्पलाइन के जरिए मुझे अपने ससुराल वालों से घरेलू हिंसा से मुक्ति मिली। 181 हेल्पलाइन पर मदद मांगने वाली अभयम टीम ने आकर मेरे ससुराल वालों को समझाया और मुझे और मेरे ससुराल वालों को कानूनी रूप से अवगत कराया, जिससे कि अब मुझे घरेलू हिंसा से आजादी और सुरक्षा मिली है।
समाज में महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए घरेलू हिंसा की रोकथाम बहुत जरूरी है। इसलिए सरकार की यह हेल्पलाइन महिलाओं की हर तरह से रक्षा करने और घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने में उनकी मदद करने में बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस हेल्पलाइन के जरिए सखी वन स्टॉप सेंटर की मदद भी ली जा सकती है, जिसमें मुश्किल स्थिति में फंसी महिला या दूसरे राज्य की महिला को गुजरात में हिंसा या उत्पीड़न का शिकार होने पर सरकारी मदद मिल सकती है।
घरेलू हिंसा के अलावा, यह हेल्पलाइन यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, कन्या भ्रूण हत्या, साइबर अपराध या कार्यस्थल या किसी अन्य स्थान पर महिलाओं का पीछा करने के मामलों में भी महिलाओं की मदद करती है। इस प्रकार राज्य सरकार की यह हेल्पलाइन योजना महिला सुरक्षा से लेकर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।(तस्वीर-सांकेतिक)












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