गोरखपुर: बारिश में डूबा स्कूल, घरों में पानी घुसने से घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश की वजह से सीएम सिटी गोरखपुर के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। निचले इलाकों के साथ-साथ पॉश कालोनियों में भी लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इस वजह से दर्जनों घरों के लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। उधर, खोराबार इलाके का पूर्व माध्यमिक स्कूल झरवां जुलाई से ही पानी में डूब हुआ है। क्लासरूम में भी 7 फीट तक पानी भरा हुआ है, लेकिन इसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। स्कूल की छत पर बल्ली लगाकर टीचर दफ्तर के फाइल मेंटेन का काम करते हैं। जब बारिश होती है तो टीचर प्लास्टिक के छज्जे के नीचे छिपकर काम चलाते हैं।

इन इलाकों में भारी जलभराव
तीन दिन से हो रही बारिश की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बेतियाहाता इलाके में जलभराव है। मुंशी प्रेमचंद पार्क रोड पर पानी की वजह से ट्रैफिक लग रहा है। सिंघड़िया के प्रज्ञापुरम, वसुंधरानगरी, गोरक्षनगरी सहित कई कॉलोनियों के कई मकानों में पानी घुस चुका है। बता दें, प्रज्ञापुरम में नागरिकों ने प्रदर्शन और सांसद आवास का घेराव किया था, जिसके बाद नगर निगम ने पंप लगवाया था, लेकिन बारिश से हुए जलभराव को देखते हुए पंप से पानी निकलना संभव नहीं है। नागरिक नाला निर्माण न होने से फिर आक्रोशित हो रहे हैं। वहीं, सांसद आवास के आसपास भी जलभराव की समस्या है। यहां भी नागरिकों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। छावनी रेलवे क्रॉसिंग से हनुमान मंदिर तक की खराब सड़क के कारण आवागमन ठप हो गया है।

विधायक आवास के सामने जलभराव से आवागमन ठप
दाउदपुर स्थित नगर विधायक डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल के आवास के सामने भी जलभराव की वजह से आवागमन ठप हो गया है। इलाके की कई गलियां पानी में डूबी हैं। जिला अस्पताल, संक्रामक रोग अस्पताल के सामने पानी लग जाने के कारण मरीजों व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ज्यादातर नाले सिल्ट से भरे होने की वजह से बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल रहा है। नगर निगम लगातार नालों की सफाई का दावा कर रहा है, लेकिन तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही हैं।

स्कूल के क्लासरूम में 7 फीट तक भरा पानी
बता दें, खोराबार इलाके का माध्यमिक स्कूल झरवां जुलाई से ही पानी में डूब हुआ है।क्लासरूम में भी 7 फीट तक पानी भरा है। स्कूल की छत पर बांस बल्ली लगाकर टीचर दफ्तर की फाइल मेंटेन करने का काम करते हैं। जब बारिश होती है तो टीचर प्लास्टिक के छज्जे में छिपकर काम चलाते हैं। टीचर अमन ने बताया कि हर साल बरसात के मौसम में पानी भर जाता है, उस टाइम दूसरी जगह कमरा लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं।












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