किस वजह से गोरखपुर आए थे मनीष गुप्ता? होटल में साथ रुके दोस्त प्रदीप ने किया खुलासा
किस वजह से गोरखपुर आए थे मनीष गुप्ता? होटल में साथ रुके दोस्त प्रदीप ने किया खुलासा
गोरखपुर, 01 अक्टूबर: 'सुनी थी सीएम सिटी की तारीफ, बनाया था गोरखपुर घूमने का प्लान' यह बात मनीष कुमार गुप्ता के दोस्त प्रदीप सिंह ने कही। दरअसल, प्रदीप सिंह ने बताया कि उनके दो दोस्त चंदन सैनी और राणा प्रताप चंद गोरखपुर में रहते है। चंदन ने करीब 10 दिन पहले सीएम सिटी गोरखपुर की जमकर तारीफ की थी और उन्हें गोरखपुर आने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, मनीष को रियल स्टेट से संबंधित कुछ काम भी था तो सभी ने गोरखपुर जाने का प्लान बनाया।
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सुनी थी सीएम सिटी की तारीफ
बता दें, एक इंवेंट के दौरान मनीष की प्रदीप से दोस्त हुई थी। प्रदीप के जरिए ही मनीष की दोस्त हरवीर सिंह उर्फ अरविंद के साथ हुई थी। तो वहीं, प्रदीप पिछले चार-पांस साल से चंदन पांडेय जानता था। प्रदीप और चंदन की मुलाकात दिल्ली में हुई थी। प्रदीप ने बताया कि चंदन ने करीब 10 दिन पहले गोरखपुर की काफी तारीफ की थी। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चंदन ने बताया था कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर में काफी विकास हुआ है। सीएम सिटी की तारीफ सुनकर मैं (प्रदीप सिंह) और हरवीर सिंह अरविंद कानपुर आए और मनीष को साथ लेकर गोरखपुर पहुंच गए।

कृष्णा होटल में ठहरे थे तीनों
मनीष के दोस्त प्रदीप सिंह ने मीडिया बात करते हुए कहा कि वो यहां देवरिया बाईपास स्थित कृष्णा पैलेस होटल के कमरा नंबर 512 में ठहरे हुए थे। हमारा इरादा यहां दो तीन दिन रहने और घूमने का था। बताया कि गोरखपुर में नौकायन के लिए फेमस एक जगह पर वो घूमे भी। अगले दिन उनका मंदिर जाने का प्लान था। चंदन पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो अपने दोस्तों के साथ रात 11:30 बजे तक थे। 11:30 बजे वो उन्हें होटल पर छोड़कर अपने घर लौट ही रहे थे कि पुलिस ने उन्हें फोन किया और होटल में ठहरे उनके दोस्तों के बारे में जानकारी ली।

गालियां दिए जाने की आ रही थी आवाज: चंदन पांडये
चंदन पांडये ने बताया कि हमारे पास पुलिस का फोन आया था, पुलिसवालों ने हमसे प्रदीप और मनीष के बारे में जानकारी ली, हमने बता दिया कि हमारे परिचित हैं और हमसे मिलने आए हैं। इसके बाद हमें पीछे से गालियां दिए जाने की आवाज़ आई तो हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है, हमने गाड़ी वापस होटल की तरफ मोड़ दी। लेकिन जब तक होटल पहुंचे तो पता चला कि मनीष को चोट लगी है और पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई है।

क्या हुआ था आखिर घटना वाली रात
मनीष के दोस्त प्रदीप ने मीडिया से बात करते हुए घटना वाली रात की पूरी कहानी बताई। प्रदीप ने बताया कि 27 सितंबर की रात करीब 12 बजे के आसपास का वक्त था, जब हमारे कमरे का दवाजा पुलिसकर्मियों ने खटखटाया। पुलिस ने कहा कि ये एक रूटीन चेकअप है। तो अरविंद ने कमरे का दरवाजा खोल दिया तो रामगढ़ताल थाने के प्रभारी जेएन सिंह, सब्जी मंडी चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिसकर्मी उनके कमरे में घुए आए और उनसे कागज दिखाने के लिए कहा। पुलिस के कहने पर हमने अपने दस्तावेज दिखा दिए थे। लेकिन मनीष तब तक सो गया था, इसलिए उसके पर्स से आईडी निकालकर पुलिसकर्मियों को दिखा दिया। फिर भी पुलिसकर्मियों ने मनीष को उठाने के लिए कहा।

'हम कोई आतंकी नहीं' कहने पर पुलिस ने पीटा
मनीष को जगाया, तो मनीष ने पुलिस से कहा कि ये समय नहीं है किसी को जगाने का। हमारे दस्तावेज होटल के रिशेप्शन पर जमा हैं और वहां से भी देख सकते थे। हालांकि, पुलिसवालों का व्यवहार देखकर मनीष ने कहा कि वे तीनों कोई आतंकी नहीं हैं। तो पुलिस वालों ने बोला कि तुम सिखाओगे क्या कि हमे कैसे काम करना है। इसके बाद पुलिसवालों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। दो पुलिसवाले अरविंद और प्रदीप को लेकर नीचे चले आए। प्रदीप ने बताया कि कुछ देर बाद जब पुलिसवाले लिफ्ट से मीष को नीचे घसीटते हुए लेकर आए तो उनकी नाक और मुंह से खून बह रहा था। मनीष को देखकर साफ पता लगा रहा था कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई है।
'हड़बड़ाहट में हुई थी मनीष की मौत'
गंभीर हालत में मनीष को पुलिस एक प्राइवेट हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे और फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना के बाद गोरखपुर एसएसपी विपिन टाडा ने बताया था कि अपराधियों की चेकिंग के दौरान रामगढ़ताल थाने की पुलिस एक होटल में गई। वहां पर एक कमरे में तीन युवक संदिग्ध अलग-अलग शहरों से आए थे, जो ठहरे हुए थे। इस सूचना पर पुलिस ने होटल मैनेजर को साथ लेकर कमरे में गई, जहां पर हड़बड़ाहट में एक युवक की कमरे में गिरने से चोट लग गई। दुर्घटनावश हुई इस घटना के बाद पुलिस ने तत्कार होटल मैनेजर को साथ लेकर युवक को अस्पताल में भर्ती करावाया, जहां उसका इलाज हुआ। बीआरडी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।












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