4 दिन तक घर में छिपाए रखी ' पूर्व शिक्षिका ' की लाश, भतीजे ने अकेले ही कर दिया दाह संस्कार, पुलिस पर उठे सवाल
गोरखपुर पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में है। गुलरिहा पुलिस ने बिना परिजनों के इंतजार किए व बिना पोस्टमार्टम कराए मृत महिला जिसका शव चार दिनों से तख्त के नीचे पड़ा था,रिश्तेदार को सुपुर्द कर दाह संस्कार दिया।

Gorakhpur News: गोरखपुर के शिवपुर शाहबाजगंज कॉलोनी में मंगलवार को वृद्ध महिला का शव उसके कमरे में मिला था,जो चार दिनों से तख्त के नीचे रखा था। इस मामले में पुलिस ने महिला के पुत्र को हिरासत में लिया। था। लेकिन अचानक से पुलिस के लिए फैसले से सभी हैरान हैं। पुलिस ने महिला के बहू व पोतों के आने का इंतजार नहीं किया। शव का पोस्टमार्टम कराने की भी जरुरत नहीं समझी और एक रिश्तेदार को शव देकर आनन- फानन में दाह संस्कार करा दिया। पुलिस ने मौत के कारणों का पता लगाने की जरा भी कोई जरुरत नहीं समझी। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
रिश्तेदार की बात पर पुलिस को इतना विश्वास क्यूं
महिला के बहन के लड़के अवनीश त्रिपाठी ने पुलिस को यह पत्र लिखकर दिया था कि मौसी की मौत स्वभाविक तरीके से हुई है। जबकि अवनीश खुद घर में मौजूद नहीं था। उसके बाद भी पुलिस ने उसे शव सुपुर्द कर दाह संस्कार करा दिया। शव चार दिनों से घर में पड़ा था और किसी भी रिश्तेदार को इसकी जानकारी नहीं थी।
शव का नहीं हुआ पोस्टमार्टम
इतना ही नहीं एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने वीडियों बाइट मेें कहा था कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद भी स्थानीय पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को दे दिया। पुलिस ने मौत के कारणों को जानने का जरा भी प्रयास नहीं किया। स्थानीय पुलिस ने उच्चाधिकारियों को भी इसकी सूचना नहीं दी।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि महिला के पिता व अन्य परिजनों ने स्वंय दाह संस्कार किए जाने पर अपनी सहमति जताई है। परिजनों की तरफ से कोई आपत्ति नही की गयी है।
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