DDU News: कुलपति के साथ मारपीट करने के मामले में उपद्रवियों पर दर्ज हुआ एफआईआर, संलिप्त छात्र निष्कासित
DDU News Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थिति कुलपति कार्यालय में जबरजस्ती घुसपैठ कर मारपीट करने तथा अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने वाले उपद्रवियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है तथा इसमें लिप्त विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
जबरदस्ती विश्वविद्यालय के प्रशानिक भवन में घुस आये लोग लगभग 11.00 बजे दिन में कार्यालय अवधि में कुछ लोग जबरदस्ती विश्वविद्यालय के प्रशानिक भवन में घुस आये, जिनमें कुछ विद्यार्थी भी थे। इन लोगों ने परिसर में हंगामा मचाना शुरू कर दिया। कुलपति कार्यालय के सामानों को एवं उपस्कर, गमले, शीशे, कुर्सियों व कुलपति की गाड़ी को क्षतिग्रस्त करते हुए विश्वविद्यालय के अधिकारियों तथा कुलपति , वित्त अधिकारी, कुलसचिव, नियंता आदि को उनके प्रकेष्ठ में ही बन्द कर दिया और इस प्रकार उनका शासय, सदोष परिरोध कारित किया गया।

अपराध करने के लिए उत्साहित कर रहे थे उपद्रवी विद्यार्थियों को कुछ बाहरी तत्व सुनियोजित षड्यंत्र के तहत अपराध करने के लिए उत्साहित भी कर रहे थे। उपद्रवी तत्वों द्वारा विश्व विद्यालय अधिकारियों के सरकारी कार्यों में जानबूझकर बाधा पहुंचायी गयी। विवश होकर सुरक्षार्थ पुलिस को बुलाना बड़ा। पुलिस की उपस्थिति में भी ये लोग उपद्रव करते रहे। पुलिस के समझाने-बुझाने पर भी ये लोग शांत नहीं हुए। किसी तरह से कुलपति को उनके ऊपर आसन्न खतरे को देखते हुए पुलिस की संरक्षण में बाहर निकाला गया।
हत्या करने के उद्देश्य से जानलेवा हमला अवसर पाकर विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी किसी प्रकार छिपकर अपनी जान बचाये। इसी बीच कुलसचिव इन उपद्रवी तत्वों के हाथ लग गये । जब वह उन्हें समझाने का प्रयास किये इन उपद्रवी तत्वों में जिसमें कुछ ज्ञात व अज्ञात दोनों है, ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या करने के उद्देश्य से जानलेवा हमला किया। इस क्रम में उनके ऊपर मुक्का थप्पड़ भी छकाया गया एवं उनकी हत्या करने के उद्देश्य से उनके ऊपर कड़े कुंद से उनके सिर के पिछले भाग में प्रहार किया गया, जिससे उनके सिर के पिछले भाग में चोट लगी जहाँ से रक्त प्रवाहित होने लगा। जिससे वह गिर गये, गिरने के बाद भी उन पर उपद्रवी तत्व उनके ऊपर प्रहार करते रहे, जिससे उनके पूरे बदन में चोट लगी। किसी प्रकार बीच-बचाव करते हुए उनको उपद्रवी तत्वों के बीच से निकाला गया, तब तक उनकी हालत बहुत खराब हो चुकी थी। कुलसचिव का हाल ही में हृदय रोग की चिकित्सा भी हुई है, उन्हें स्टंट भी पड़ा है। उपद्रवी तत्वों द्वारा कारित इस घटना की वजह से उनकी जान जाने की पूरी संभावना थी। यह सम्पूर्ण घटना, घटनास्थल के पास लगे हुए सी.सी.टी.वी. कैमरा में भी अंकित है।
उपद्रवी तत्व का मनोबल बढ़ गया उल्लेखनीय है कि इस घटना के पूर्व भी 13 जुलाई को भी उपद्रवी तत्वों ने घटना कारित किया था जिसके सम्बन्ध में उसी दिन प्राथमिकी दर्ज करने के लिए लिखित सूचना दिया गया, किन्तु ऐसा लगता है कि उनके विरूद्ध कोई निरोधात्मक या अन्य कार्यवाही नहीं हुई जिसके कारण उपद्रवी तत्व का मनोबल बढ़ गया और उन्होंने वर्तमान घटना कारित किया है।
ठेकेदार भी संलिप्त
इस पूरी घटना में कुछ ठेकेदार भी मिले हुए है जिन्होंने इस पूरी घटना को वित्तपोषित किया। इन ठेकेदारों को विश्व विद्यालय से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है एवं इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। विश्व विद्यालय में इनका प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है।
घटना में लिप्त शिक्षकों के खिलाफ भी कार्यवाही
घटना में कुछ शिक्षकों को भी संलिप्त पाया गया है। इन शिक्षकों के खिलाफ भी कार्यवाही की की जा रही है।
बिना आई-कार्ड के प्रशासनिक भवन तथा विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रतिबंधित
इस अप्रत्याशित घटना के बाद मुख्य नियंता ने प्रशासनिक भवन तथा विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। नियंता मंडल सुनिश्चित करेगा कि कोई भी अवांछनीय तत्व विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नही कर सके।












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