DDU University की इस खास पहल से भारत और थाईलैंड के बीच सुदृढ़ होंगे शैक्षणिक अवसर
Humboldt Research Fellowship And Chulalongkorn University in Bangkok, Thailand Latest News DDU University Gorakhpur: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन से आज हम्बोल्ट फेलो और चुलालोंगकोर्न विश्वविद्यालय, बैंकॉक, थाईलैंड के प्रो. चंचाई बूनला ने उनके कार्यालय में मुलाकात की और विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संबंधी विषयों पर चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान प्रो. चंचाई बूनला ने विश्वविद्यालय की कुलपति सहित विभिन्न अधिकारियों से चर्चा की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए शैक्षणिक अवसरों को सुदृढ़ करना था। बैठक में दोनों देशों में क्षमता निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विश्वविद्यालयों ने विभिन्न अध्ययन क्षेत्रों पर जोर देते हुए समाज के सतत विकास और समावेशी प्रथाओं में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

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प्रो. बूनला ने इस अवसर पर 2+2 कार्यक्रम स्थापित करने की इच्छा प्रकट की, जिससे दोनों संस्थानों के छात्रों को आपसी विनिमय के माध्यम से अपनी डिग्री पूर्ण करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय शैक्षणिक अनुसंधान में समान रुचि रखते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत और थाईलैंड के बीच परस्पर समझ को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, इससे छात्रों को विविध शैक्षिक पद्धतियों और दृष्टिकोणों को समझने का अवसर प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को अपने क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी सैद्धांतिक जानकारी को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू कर सकेंगे और अपने भविष्य के करियर के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकेंगे।
यह पहल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सहयोग को बढ़ावा देने और शिक्षा, प्रौद्योगिकी एवं सतत विकास से संबंधित साझा चुनौतियों के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। दोनों विश्वविद्यालय करुणा और बुद्धिमत्ता के मूल सिद्धांतों पर आधारित एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय समुदाय के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. दिनेश यादव, और जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राजर्षि कुमार गौड़ उपस्थित रहे।












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