चुनावी मुद्दा बने गोरखपुर के IPS डॉ. विपिन टांडा, जानिए कौन हैं वो और क्यों उठी है उनके ट्रांसफर की मांग

चुनावी मुद्दा बने गोरखपुर के IPS डॉ. विपिन टांडा, जानिए कौन हैं वो और क्यों उठी है उनके ट्रांसफर की मांग

गोरखपुर, 03 फरवरी: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन टांडा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सियासी मुद्दा बन गए हैं और इनके नाम पर गोरखपुर जिले में राजनीति शुरू हो गई है। जी हां..यह बात सुनने में थोड़ी अजीब जरूर लगेगी, कि कोई पुलिस अधिकारी कैसे चुनावी मुद्दा बना गया। लेकिन यह सच है। दरअसल, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने चुनाव लड़ रहे आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने आईपीएस अफसर डॉ विपिन टांडा को हटाने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। साथ ही, चंद्रशेखर आजाद ने इसके पीछे तर्क भी दिया है। चलिए पहले जान लेते हैं कि कौन है गोरखपुर के आईपीएस डॉ विपिन टांडा।

कौन हैं आईपीएस डॉ विपिन टांडा

कौन हैं आईपीएस डॉ विपिन टांडा

विपिन टांडा मूल रूप से जोधपुर के राजस्थान के रहने वाले हैं और 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी है। विपिन टांडा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। पिता मच्छी राम पेशे से वकील हैं। इसके अलावा वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और पूर्व मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सतपाल सिंह के दामाद हैं। विपिन टांडा ने टांडा बेसिक शिक्षा छोटे से स्कूल में हासिल की है वो रोज साइकिल से स्कूल जाते थे। सातवीं कक्षा में अच्छे नंबर आए तो परिजनों ने आठवीं और नवमीं क्लास के बजाय हाईस्कूल का एग्जाम दिलवा दिया, जिसमें उनके मात्र 56 प्रतिशत अंक आए। इसके बाद इंटर में 62 फीसदी अंक प्राप्त हुए।

अस्पताल में बन गए थे चिकित्साधिकारी

अस्पताल में बन गए थे चिकित्साधिकारी

विपिन डॉक्टर बनना चाहते थे इसके लिए उन्होंने पूरी लगन से पढ़ाई की। उन्होंने इंटर के बाद एक साल कोचिंग की। पहले प्रयास में 2002 में एमबीबीएस के लिए सलेक्ट हो गए। इसके बाद राजस्थान के एक गांव में सरकारी अस्पताल में चिकित्साधिकारी बन गए। वहां आठ महीने तक रहे। तब उन्हें लगा कि डॉक्टर बनकर चंद मरीजों की सेवा की जा सकती है, लेकिन सिविल सेवा में रहकर बहुत से लोगों की सेवा का मौका मिल सकता है। उन्होंने इसी नजरिये से सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। 2011 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए उनका सलेक्शन हो गया था।

पीएम मोदी भी कर चुके है तारीफ

पीएम मोदी भी कर चुके है तारीफ

आईपीएस डॉ. विपिन टाडा स्पोर्ट्स में भी काफ़ी दिलचस्पी रखते हैं। उन्हें साइकलिंग का बहुत शौक़ है। जहां भी उनकी पोस्टिंग होती है, वहां वो शाम में साइकलिंग करते देखे गए हैं। विपिन साइकिल या बाइक पर जिले के भ्रमण पर निकलते हैं। उनके काम को लेकर दो माह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्वीट करके उनकी तारीफ कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन टांडा का शहर की गलियों में साइकिल से गश्त करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भा गया। इसके लिए उन्होंने एसपी को शाबाशी भी दी थी।

क्या कहा चंद्रशेखर ने

क्या कहा चंद्रशेखर ने

आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव के लिए गोरखपुर से पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण को जरूरी है। चंद्रशेखर ने पत्र में यह भी कहा है कि गोरखपुर जनपद के भीतर मुख्यमंत्री अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर अनैतिक रूप से पुलिसिया दमन के माध्यम से आम जनता को डराते और धमकाते रहे हैं। गोरखपुर का आम जन पुलिस प्रशासन से भयभीत है। मौजूदा एसएसपी डॉ. विपिन टांडा की तैनाती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ही कराई गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री स्वयं यहां से विधायक पद के प्रत्याशी हैं। ऐसे में पूरी आशंका है कि मौजूदा एसएसपी उनको लाभ पहुंचाने के लिए उनके पक्ष में काम करेंगे।

भाजपा से है डॉ. विपिन टांडा का निजी जुड़ाव

भाजपा से है डॉ. विपिन टांडा का निजी जुड़ाव

चंद्रशेखर ने यह भी कहा है कि डॉ. विपिन टांडा भारतीय जनता पार्टी से सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह मलिक के दामाद हैं। ऐसे में एसएसपी का भारतीय जनता पार्टी से निजी जुड़ाव रहा है। विधान सभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को लाभ पहुंचाने के लिए ही डॉ. विपिन टांडा को यहां तैनात किया गया है। ऐसे में चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए उनका स्थानांतरण बेहद जरूरी है।

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