गोरखपुर की Model Chaiwali Simran जो संघर्षों से लिख रही सफलता की इबारत
गोरखपुर में इन दिनों एक लड़की बहुत चर्चा में है।चर्चा का कारण उसका मॉडल टी स्टॉल और मॉडल चायवाली।मॉडलिंग का शौक रखने वाली सिमरन ने विपरीत परिस्थितियों में अपने शौक को ही अपनी पहचान बना ली।आज वह पूरे परिवार का बोझ उठा रही
Model Chaiwali Simran Gorakhpur: गोरखपुर में इस समय एक लड़की चर्चा में है।चर्चा का कारण मॉडल चायवाली का टी स्टॉल है।मॉडलिंग का शौक रखने वाली सिमरन ने विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत नहीं हारी।उन्होंने अपने सपने को अपने रोजगार से जोड़ लिया।सिमरन का सपना मॉडल बनने का है।वह 2018 में मिस गोरखपुर रह चुकी हैं। कुछ समय तक उन्होंने दिल्ली में मॉडलिंग की।कोरोना काल कारण वह अपने घर लौट आई।इनके भाई दिव्यांग हैं।परिस्थितियां विपरीत थी।फिर सिमरन ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी खुद उठाने की जिम्मेदारी ली और मॉडल चायवाली के नाम से अपनी दुकान शुुरु कर दी।आइए जानते हैं संघर्षों से सफलता की इबारत लिख रही सिमरन की कहानी।

बचपन से था मॉडल बनने का सपना
सिमरन गोरखपुर के सूरजकुंड कॉलोनी में रहती हैं।इनके पिता की एक छोटी सी कास्मेटिक की दुकान है।सिमरन की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर में हुई।उनके पिता ने ही बेटी को मॉडल बनने के लिए प्रेरित किया।फिर क्या था,सिमरन के हौसले बुलंद हो गए।उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मॉडलिंग करनी भी शुरु कर दी।स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिमरन ने मॉडलिग पर फोकस किया और पहली बार में ही उन्होंने मिस गोरखपुर का खिताब जीत लिया। इसके बाद इनको और मजबूती मिली।
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सपनों पर लगा ग्रहण
जब सिमरन के लाइफ में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था।वह जीवन में आगे बढ़ रही थी।मॉडलिंग में अपना कैरियर बना रही थी उस समय कोरोना ने उनके सपनों पर ग्रहण लगा दिया। उन्हें अपने घर आना पड़ा।इधर उनके पिता की दुकान भी इतनी नहीं चल रही थी।जिससे परिवार का खर्च चल सके। भाई के दिव्यांग होने के कारण सिमरन ने परिवार को संभालने की जिम्मेदारी उठायी।अपने सपनों से पहले उसने परिवार को प्राथमिकता दी।

बन गईं मॉडल चायवाली
परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सिमरन ने गोरखपुर के दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के बगल में चाय की दुकान शुरु कर दी और बन गयी मॉडल चायवाली।मॉडल चायवाली नाम रखने के पीछे भी कहानी है।सिमरन ने अपने मॉडलिंग को अपने रोजगार से जोड़ते हुए यह नाम दिया है।

सपनों को रखा है अभी जिंदा
सिमरन ने लाख विपरीत परिस्थितियों को सामना किया पर वह हिम्मत नहीं हारी। प्रयास जारी रखा और संघर्ष करती रही हैं।सिमरन बताती हैं कि मैं आज भी अपने सपनों का जिंदा रखे हुए हूं।मॉडलिंग भी साथ कर रही हूं।आगे इसे और व्यापक स्तर पर करुंगी

कई लोगों की बन रही प्रेरणाश्रोत
सिमरन कई लोगों के लिए प्रेरणाश्रोत बनी हुई हैं।सभी लोग उनके जज्बे और सोच की सराहना कर रहे हैं।और सिमरन ने यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि अगर दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ आगे बढ़ा जाए जो परिस्थियां भी बदल जाती हैं।
सिमरन की चाय के बहुत हैं चाहने वाले
सिमरन की चाय पीने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है।उनकी लोकप्रियता इस कदर हो गयी है कि दूसरे जिलों से भी लोग उनकी चाय पीने आ रहे हैं।वह प्रतिदिन लगभग दो सौ कप चाय बेच लेती हैं।

युवाओं से की अपील
सिमरन ने युवाओं से अपील करते हुए जीवन में लगातार प्रयास करते रहने को कहा।उन्होंने कहाकि यदि चाही चीज नहीं मिलती है तो निराश होने की बजाय उससे मिलता जुलता कुछ और कर लें।और उसी काम को पूरी निष्ठा से करें।कामयाबी जरुर मिलेगी।












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