DDU News: नैक मूल्यांकन उच्च शिक्षा संस्थान की कर रहा ब्रांडिंग
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के तत्वाधान में "नई शिक्षा नीति और नैक मूल्यांकन पर कार्यशाला अयोजित की गयी।

DDU News Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के तत्वाधान में "नई शिक्षा नीति 2020 और नैक मूल्यांकन पर प्रभाव: संशोधित प्रत्यायन प्रक्रिया" विषयक दो दिवसीय नैक प्रायोजित कार्यशाला का सफल समापन हुआ।
दो दिवसीय कार्यशाला में संस्कृति विश्विद्यालय के कुलपति तथा इंडियन कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के सहायक महानिदेशक प्रो एम बी चेत्ति के साथ नैक, बैंगलोर के डिप्टी एडवाइजर डॉ एल मंजूनाथ तथा नैक, बैंगलौर के सीनियर कम्युनिकेशन एवं पब्लिकेशन ऑफिसर डॉक्टर वाहिदउल हसन ने विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण तथा शिक्षकगण के साथ करीब 150 महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं उनकी आईयूएसी के प्रभारी को नैक मूल्यांकन तथा प्रत्यापन के विभिन्न आयामों के बारेमे विस्तृत चर्चा की।
डॉ मंजूनाथ ने कहा कि नैक मूल्यांकन तथा प्रत्यापन शिक्षण संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किया गया अकादमिक ऑडिट है। नैक मूल्यांकन विश्वास तथा विश्वास के माध्यम से उद्योग संरक्षण को बढ़ाती है। यह छात्रों की बेहतर रोजगार क्षमता में मदद करता है। यह उच्च शिक्षा संस्थान की ब्रांडिंग में मदद करता है।
नैक, बैंगलौर के सीनियर कम्युनिकेशन एवं पब्लिकेशन ऑफिसर डॉक्टर वाहिद उल हसन ने कहा कि नैक मूल्यांकन से संबंधित बारीकियों की जानकारी देते हुए कहा कि। नैक मूल्यांकन एक आईने की तरह है। इससे आपकी कमियों, ताकत तथा चुनौतीयो का पता चलता है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में बाकी राज्यों की तुलना में बहुत ही कम नैक एक्रेडिटेड संस्थाएं हैं। उत्तर प्रदेश में कुल 8114 महाविद्यालयों में केवल 670 महाविद्यालय नैक द्वारा एक्रेडिटेड है।












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